नई दिल्ली
भारत-कनाडा का विवाद कम होता नजर नहीं आ रहा है। खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की कनाडा में हत्या के बाद से भारत और कनाडा के बीच राजनयिक तनाव बढ़ गया है। कनाडा से महिंद्रा ने अपना धंधा समेट लिया है। कनाडा की दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं। अब एक मामला सामने आया है। दरअसल भारतीय कंपनी जेएसडब्ल्यू स्टील ने झटका दे दिया है। जिंदल ने बड़ा कदम उठाया है। भारत से पंगा कनाडा को काफी महंगा पड़ने लगा है। इस विवाद का असर दोनों देशों की इकोनॉमी पर दिख रहा है। भारतीय कंपनियां कनाडा में अपना कारोबार समेट रही हैं। इससे कनाडा को भारी झटका लगा है।
जिंदल ने दिया झटका
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय की सबसे बड़ी स्टील निर्माता कंपनी जेएसडब्ल्यू स्टील (JSW Steel) और टेक रिसोर्सेज के बीच हिस्सेदारी पर चर्चा धीमी हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, जेएसडब्ल्यू टेक रिसोर्स में 34-37 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने की कोशिश कर रहा है।
तनाव कम होने का इंतजार
JSW स्टील लिमिटेड कनाडा की कंपनी टेक रिसोर्सेस की स्टील मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट, कोल यूनिट में हिस्सेदारी खरीदने जा रही है, लेकिन दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के बीच कंपनी ने इस डील को स्लो डाउन कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी दोनों देशों के बीच तनाव कम होने का इंतजार कर रही है।
बढ़ सकती है कनाडा की मुश्किल
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 30 भारतीय कंपनियों ने कनाडा में अरबों डॉलर का निवेश किया हुआ है। इन कंपनियों में इंफोसिस, विप्रो और टीसीएस जैसी कंपनियां शामिल हैं। कनाडा में बड़ी आबादी को इन्हीं कंपनियों के वजह से रोजगार मिला हुआ है। ऐसे में दोनों देशों में तनाव बढ़ा तो कनाडा की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
आयात-निर्यात पर होगा असर
भारत और कनाडा के बीच तनाव बढ़ने पर इसका असर दोनों देशों के बीच होने वाले आयात-निर्यात पर पड़ सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल 2000 से मार्च 2023 तक कनाडा ने भारत में लगभग 3306 मिलियन डॉलर का निवेश किया है। इसके अलावा भारत कनाडा का नौवां सबसे बड़ा बिजनेस पार्टनर है।
टेक रिसोर्सेज के शेयरों में गिरावट
जेएसडब्ल्यू स्टील कंपनी इस कनाडाई कंपनी का 34-37 प्रतिशत शेयर खरीदना चाहती है। इस प्रक्रिया के धीमा होने की बात फैलते ही टेक रिसोर्सेज के शेयर में गिरावट आई है। कंपनी के शेयर 4 फीसदी से ज्यादा गिर चुके हैं।
अंतरराष्ट्रीय छात्रों पर निर्भर है इकॉनमी
कनाडा की इकॉनमी अंतरराष्ट्रीय छात्रों पर निर्भर है। हर साल अंतर्राष्ट्रीय छात्र कनाडा की इकॉनमी में 30 बिलियन डॉलर का योगदान देते हैं। जिसमें भारतीय छात्रों की बड़ी हिस्सेदारी है। भारतीय छात्रों के फीस के तौर पर कनाडा में मोटी रकम पहुंचती है। कनाडा में करीब 2 लाख भारतीय छात्र पढ़ रहे हैं।
