नई दिल्ली:
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं को बड़ी सौगात दी। पीएम मोदी ने एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 100 रुपये की छूट का ऐलान किया। इसके पहले गुरुवार को मोदी सरकार ने उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को बड़ी खुशखुबरी दी थी। उसने अगले वित्तीय वर्ष भी पीएम उज्ज्वला योजना के तहत लाभार्थियों को सब्सिडी जारी रखने का फैसला लिया है। इसमें आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिया जाता है। साथ ही हरेक एलपीजी गैस सिलेंडर के लिए 300 रुपये सब्सिडी दी जाती है। केंद्रीय कैबिनेट ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को इसी 300 रुपये की सब्सिडी जारी रखने की मंजूरी दी है। अब स्कीम के तहत 31 मार्च 2025 तक उज्ज्वला लाभार्थियों को सब्सिडी दी जाएगी। यह सब्सिडी लाभार्थियों के खाते में सीधे ट्रांसफर की जाती है। सब्सिडी के कारण सामान्य और उज्ज्वला योजना के तहत मिलने वाले रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में फर्क पैदा हो जाता है। आइए, यहां जानते हैं कि सरकार की ताजा घोषणाओं के बाद दोनों कितने-कितने में मिलेंगे।
करीब 300 रुपये का अंतर
पीएम उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को केंद्र सरकार सिलेंडर पर 300 रुपये की सब्सिडी देती है। यह सामान्य सिलेंडर से इसके दामों में फर्क डालता है। वहीं, पीएम ने शुक्रवार को एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 100 रुपये की छूट का ऐलान किया। इससे प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए एलपीजी सिलेंडर की कीमत 503 रुपये हो गई है। वहीं, सामान्य ग्राहकों के लिए एक सिलेंडर की कीमत 803 रुपये होगी।
कितना होगा सरकारी खजाने से खर्च
उज्ज्वला लाभार्थियों को साल में 12 सिलेंडर सब्सिडी मिलती है। वित्त वर्ष 2024-25 के लिए इस पर कुल 12,000 करोड़ रुपये खर्च होगा। उज्ज्वला योजना की सब्सिडी सीधे पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा की जाती है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत 1 मई 2016 को हुई थी। यह योजना गरीब परिवारों को मुफ्त रसोई गैस उपलब्ध कराती है। इसका उद्देश्य ग्रामीण और शहरी दोनों इलाके में रहने वाले बीपीएल परिवारों की महिलाओं को फायदा पहुंचाना है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना केवल उन परिवारों के लिए है जो गरीबी रेखा से नीचे आते हैं।
