9.7 C
London
Tuesday, March 17, 2026
HomeUncategorizedअगर बीजेपी तीसरी बार सत्ता में आई तो अर्थव्यवस्था का क्या होगा?...

अगर बीजेपी तीसरी बार सत्ता में आई तो अर्थव्यवस्था का क्या होगा? जानिए S&P ग्लोबल का अनुमान

Published on

नई दिल्ली,

लोकसभा चुनाव के नतीजे एक हफ्ते में आ जाएंगे. इन नतीजों का देश की अर्थव्यवस्था पर खास तौर से असर पड़ने की उम्मीद है. अमेरिकी रिसर्च फर्म S&P ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस के मुताबिक, सरकार के पूंजीगत खर्च के साथ-साथ निजी खपत और निवेश में सुधार से चुनाव के बाद आर्थिक गति को सपोर्ट मिलने की उम्मीद है.रिसर्च फर्म ने नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़ा, डिजिटल बुनियादी ढांचे, लॉजिस्टिक्स, खाद्य उत्पादन और सेवाओं जैसे रणनीतिक क्षेत्रों को भारत की व्यापक आर्थिक स्थिरता और विकास के लिए अहम बताया.

S&P ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस ने कहा, ‘ये क्षेत्र भारतीय व्यापक आर्थिक स्थिरता और विकास को आगे बढ़ाते हैं. जलवायु नीति और ऊर्जा परिवर्तन के लिए प्रासंगिक हैं और घरेलू रोजगार का समर्थन करते हैं. बड़े स्तर पर इन क्षेत्रों के आगे के विकास को भारत की विदेश नीति के नजरिए से फायदेमंद माना जाता है.इसमें कहा गया है कि ये क्षेत्र जलवायु नीति, ऊर्जा परिवर्तन लक्ष्यों और घरेलू रोजगार उद्देश्यों के साथ भी तालमेल में हैं.

अगर मौजूदा सरकार को मिलेगा दो-तिहाई बहुमत…
S&P ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस के मुताबिक, उम्मीद है कि 2024 में मंहगाई पिछली तिमाही के 5.7 फीसदी से घटकर 5.3 फीसदी हो जाएगी. फर्म ने यह भी कहा कि अगर पीएम मोदी के नेतृत्व वाली मौजूदा सरकार 4 जून को संसद में दो-तिहाई बहुमत जीतती है, तो 2030 तक भारत को तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना और वित्त वर्ष 26 तक राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 4.5 फीसदी तक कम करना लक्ष्य होगा.

फर्म ने आगे कहा कि सरकारी सेवाओं और निजी क्षेत्रों में टेक्नोलॉजी के उपयोग में बढ़ोतरी भी काफी हद तक संभव है. इसलिए, पर्सनल डेटा, घरेलू डिजिटल बुनियादी ढांचे के उपयोग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिस्टम के उपयोग को रेगुलेट करने के लिए प्रस्तावित कानून पर मोदी-सरकार में ज्यादा ध्यान दिया जाएगा.S&P Global ने रणनीतिक क्षेत्रों में ‘राष्ट्रीय चैंपियन’ फर्मों पर संभावित जोर पर भी बात कही, जिससे संभावित रूप से परियोजना पर आधारित स्पेशल छूट मिल सकती है.

हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक, अगर एनडीए बहुमत से कम रहता है, तो ध्यान केंद्र सरकार के नेतृत्व वाले सामाजिक कल्याण प्रावधानों की तरफ जा सकता है. ऐसी परिस्थितियों में राज्यों के साथ सहयोग बढ़ने की उम्मीद है.S&P Global के विकेन्द्रीकृत नीति निर्धारण नजरिए के मुताबिक, अगर किसी एक पार्टी को बहुमत नहीं मिलता है, तो कैबिनेट फेरबदल की संभावनाओं और 100 दिनों के कार्यक्रम के लिए गठबंधन सहयोगियों के बीच बातचीत में देर होने की संभावना भी है.

Latest articles

नई दिल्ली में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से की मुलाकात, शिक्षा सुधारों पर हुई चर्चा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को नई दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान...

हमीदिया अस्पताल फायरिंग: पुलिस की बड़ी लापरवाही उजागर, घायल हिस्ट्रीशीटर के साथ पहुंचे जवान भी थे निहत्थे

भोपाल हमीदिया अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर शनिवार सुबह हुई फायरिंग की घटना में पुलिस...

मप्र में पेंशन भुगतान की नई व्यवस्था 1 अप्रैल से लागू, एसबीआई बनेगा एग्रीगेटर बैंक

भोपाल मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य के करीब साढ़े चार लाख पेंशनभोगियों को बड़ी राहत देते...

ग्रुप-5 भर्ती परीक्षा 2026: स्वास्थ्य विभाग में 373 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन शुरू

भोपाल मप्र कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) ने स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े स्टाफ नर्स, पैरामेडिकल और...

More like this

समय पर खर्च करें केंद्रीय निधि, ताकि विकास की गति बनी रहे: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के विकास में केंद्रीय सहायता प्राप्त योजनाओं...

मप्र में टैक्स फ्री हुई फिल्म ‘शतक’ — मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले— राष्ट्रसेवा और आत्मनिर्भर भारत का देती है संदेश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हिंदी फिल्म ‘शतक’ को मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ की दूसरी बैठक — 84,282 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई...

भोपाल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ कार्यक्रम की दूसरी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित...