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दुनिया भर के देश क्यों लगा रहे चीनी पर टैक्स? WHO भी दे चुका है सलाह, यहां समझ लीजिए इसके मायने

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नई दिल्ली

भारत समेत दुनिया भर में मोटापा एक बड़ी समस्या बन गई है। इस बीच जर्मनी अपने यहां मोटापा कम करने और लोगों की हेल्थ के मद्देनजर चीनी पर टैक्स लगाने का प्लान बना रही है। जर्मनी से पहले कई देश शुगर यानी चीनी पर टैक्स लगा चुके हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार जर्मनी में करीब आधे व्यस्क मोटापे के शिकार हो रहे हैं। वहां हर पांच में एक व्यक्ति मोटापे का शिकार है। इसके साथ ही 7 फीसदी लोग डायबिटीज के मरीज हैं और ये संख्या तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में जर्मनी सरकार चीनी पर टैक्स लगाने के लिए नियम लागू कर सकती है।

WHO भी दे चुका है चीनी पर टैक्स लगाने की सलाह
2018 में हुई एक स्टडी के अनुसार, अब तक 28 देश खाने-पीने की चीजों में चीनी पर टैक्स लगा चुके हैं। कई और देश इस टैक्स को लागू करने के बारे में सोच रहे हैं। WHO ने भी 2016 में शुगर वाले खाद्य पदार्थों पर 20% या उससे ज्यादा टैक्स लगाने की सलाह दी थी, ताकि लोग चीनी के इस्तेमाल को कम करें। इसके बाद दुनिया के कई देशों ने चीनी पर टैक्स लगाने पर विचार करना शुरू कर दिया। चीनी पर टैक्स लगाने के फायदों को समझना बेहद जरूरी है। ये कदम किसी भी देश के लिए आसान तो नहीं है, लेकिन लोगों की हेल्थ को देखते हुए बीमारियों को कम करने में चीनी पर टैक्स एक कारगर रणनीति हो सकती है। इससे लोगों की हेल्थ तो अच्छी होगी ही साथ ही टैक्स के पैसों को अन्य स्वास्थ्य योजनाओं में लगाया जा सकेगा।

कैसे लगेगा चीनी पर टैक्स?
एक्सपर्ट्स के अनुसार, चीनी की खपत कम करने के लिए जर्मनी और अन्य देश चीनी पर टैक्स लगाने पर विचार कर रहा है। ये टैक्स मीठी ड्रिंक्स और खाने-पीने की चीजों पर लगाया जाएगा। इन खाद्य पदार्थों में ज्यादा चीनी होगी, उस पर टैक्स ज्यादा लगेगा। इस टैक्स से होने वाली कमाई का इस्तेमाल सरकार स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं और लोगों को जागरुक करने में करेगी। वहीं लोगों की सेहत को इससे फायदा होगा। लोग चीनी वाले मीठे ड्रिंक्स और स्नैक्स खाने से बचेंगे। मेक्सिको और ब्रिटेन जैसे देशों में इस तरह का टैक्स पहले ही लगाया जा चुका है। टैक्स लगने के बाद लोगों ने चीनी की खपत कम कर दी।

चीनी पर टैक्स से क्या-क्या फायदा?
हेल्थ एक्सपर्ट्स अच्छे स्वास्थ्य के लिए चीनी कम खाने की सलाह देते हैं। ज्यादा चीनी खाने-पीने से हृदय रोग और कैंसर जैसे गंभीर रोगों की संभावना बढ़ जाती है। वहीं चीनी कम खाने से एनर्जी लेवल बढ़ता है, वजन कंट्रोल करने में मदद मिलती है और पूरी सेहत बेहतर होती है। कम चीनी खाने से त्वचा भी अच्छी रहती है और मेटाबॉलिक सिंड्रोम का खतरा भी कम होता है। वहीं दूसरी ओर चीनी पर टैक्स लगाने से सरकार को अच्छी खासी कमाई हो सकती है. इन पैसों का इस्तेमाल स्वास्थ्य कार्यक्रमों, लोगों को शिक्षित करने और देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में किया जा सकता है। भारत में भी सरकार चीनी पर टैक्स लगाने पर विचार कर सकती है।

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