13.8 C
London
Saturday, March 21, 2026
Homeराष्ट्रीयनैतिकता की चिंता हो तो मिनी स्कर्ट बैन किया जा सकता है,...

नैतिकता की चिंता हो तो मिनी स्कर्ट बैन किया जा सकता है, हिजाब नहीं… SC में बोले वकील कपिल

Published on

नई दिल्ली

हिजाब विवाद में कर्नाटक हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान गरामगरम बहस हो रही है। हाई कोर्ट के फैसले का विरोध कर रहे विभिन्न पक्षों के वकील तरह-तरह की दलीलें देकर हिजाब पर प्रतिबंध के फैसले को गलत ठहराने में जुटे हैं। मामले में एक याचिकाकर्ता के वकील कपिल सिब्बल ने मुस्लिम छात्राओं के हिजाब पहनने का बचाव करते हुए कहा कि अगर उन्हें रोकना है तो मिनी स्कर्ट पहनने से रोका जा सकता है, ना कि हिजाब से। सिब्बल ने कहा कि जहां तक शैक्षणिक संस्थानों के सुचारू संचालन, उनकी मर्यादा और नैतिकता का सवाल है तो हिजाब से इन भावनओं को कोई ठेस नहीं पहुंचता है। उन्होंने अपनी दलील में सुप्रीम कोर्ट के सामने कई सवाल दाग दिए।

सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट से पूछे कई सवाल
सिब्बल ने हाई कोर्ट के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘क्या मुस्लिम महिलाओं के अभिव्यक्ति के अधिकार में पसंद का पोशाक (हिजाब) पहनना शामिल नहीं है ताकि वो अपनी पहचान, संस्कृति और धार्मिक आस्था का प्रदर्शन कर सकें? अगर मुस्लिम छात्राएं शैक्षणिक संस्थानों में परंपरा से हिजाब पहना करती हैं, फिर कर्नाटक सरकार को अब कहां से अधिकार मिल गया कि वह इस पर जब रोक लगा दे जबकि आर्टिकल 19(2) के तहत कोई पाबंदी नहीं है? जब मुस्लिम महिलाएं यूनिफॉर्म के खिलाफ नहीं हैं लेकिन अलग से हिजाब पहनना चाहती हैं जो यूनिफॉर्म से मैच करता हुआ ही हो, तो ऐसा करने से कैसे रोका जा सकता है?’

नागरिकों के मौलिक कर्तव्य का भी दिया हवाला
सुप्रीम कोर्ट के दो जजों जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस सुधांशु धूलिया की बेंच ने कहा कि राज्य सरकार ने संभवतः उस स्थिति से निपटने के लिए हिजाब पर बैन लगाया होगा जो भगवा गमछे के साथ आने वाले कुछ छात्रों के कारण पैदा हुआ। इस पर सिब्बल ने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 51(1) भारत के हर नागरिक को हमारी साझी संस्कृति की समृद्ध विरासत का सम्मान और संरक्षण करने का दायित्व सौंपता है। उन्होंने कर्नाटक हाई कोर्ट के फैसले में उद्धृत एक टर्म ‘क्वॉलिफाइड पब्लिक स्पेस’ यानी चिह्नित सार्वजनिक स्थान पर भी सवाल उठाया। सिब्बल ने पूछा कि आखिर हाई कोर्ट ने इसे कहां से गढ़ लिया जो कहीं अस्तित्व में था ही नहीं? उन्होंने कहा, ‘ऐसी स्थिति जानबूझकर पैदा की गई ताकि कर्नाटक सरकार को शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब पर बैन लगाने का बहाना मिल जाए।’ उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब पर पाबंदी से भारी संख्या में मुस्लिम लड़कियां पढ़ाई छोड़ रही हैं।

Latest articles

असम में भाजपा की ताकत का प्रदर्शन, भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने भरी हुंकार

विधानसभा चुनाव में पार्टी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार...

भोपाल सहित प्रदेशभर में मनाई गई ईद-उल-फितर, मस्जिदों में अदा हुई नमाज

भोपाल: पवित्र महीने Ramadan के 30 रोजे पूरे होने के बाद शनिवार को Eid al-Fitr...

ईरान-अमेरिका टकराव: दोनों देशों ने जताया जीत का दावा, बढ़ा वैश्विक तनाव

वॉशिंगटन/तेहरान: Donald Trump और ईरान के नेताओं के बीच जारी बयानबाज़ी ने दुनिया की चिंता...

नवरात्रि के चौथे दिन माँ कूष्मांडा का पूजन, हनुमान चालीसा एवं श्री गुरु गीता का सामूहिक पाठ आयोजित

भोपाल। रायसेन रोड स्थित पटेल नगर के जागृत एवं दर्शनीय तीर्थ स्थल दादाजी धाम...

More like this

ईरान-अमेरिका टकराव: दोनों देशों ने जताया जीत का दावा, बढ़ा वैश्विक तनाव

वॉशिंगटन/तेहरान: Donald Trump और ईरान के नेताओं के बीच जारी बयानबाज़ी ने दुनिया की चिंता...

ट्रंप की दहाड़: ‘ईरान के साथ कोई सीजफायर नहीं!’ चीन और जापान को लेकर कह दी इतनी बड़ी बात कि मच गई खलबली

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक ताजा बयान इस वक्त पूरी दुनिया में चर्चा...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 207 नवीन बसों को दिखाई हरी झण्डी: राजस्थान में सुदृढ़ होगी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को राजधानी में 207 नवीन बसों को हरी झण्डी...