नई दिल्ली
अगर आपको लगता है कि केवल दिल्ली-NCR की हवा जहरीली है तो आप गलत हैं। इसका सबूत देख लीजिए। राजधानी दिल्ली ही नहीं, पंजाब से लेकर बनारस-पटना तक के लोगों को प्रदूषित हवा में सांस लेना पड़ रहा है। सैटलाइट से ली गई तस्वीर में देखा जा सकता है कि पूरा उत्तर भारत सफेदी की चादर में ढंका दिखाई दे रहा है। यह घना स्मोक प्रदूषण और पराली का धुआं है। आमतौर पर हर साल दिवाली के आसपास ऐसी स्थिति बनती है। आंकड़ों में पराली जलाने की घटनाएं कम बताई जा रही हैं लेकिन यह तस्वीर अलग ही कहानी कह रही है। एयर क्वालिटी के क्षेत्र में काम करने वाले शोधकर्ता पवन गुप्ता ने आज जो तस्वीर शेयर की है, उसने गंभीर स्थिति की ओर इशारा किया है। पंजाब से लेकर यूपी-बिहार के आसमान में खतरनाक सफेदी है।
पवन गुप्ता ने लिखा है कि स्थानीय कारणों के अलावा फसलों के अवशेष का जलाया जाना मुख्य वजह है। हाल में पटाखों के जलने से निकले धुएं भी काफी हद तक जिम्मेदार हैं। पिछले दिनों एनसीआर में हवा चल रही थी तो थोड़ी राहत थी लेकिन अब हवाएं कमजोर पड़ गई हैं।
दिवाली के समय दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण काफी बढ़ गया था लेकिन पिछले कुछ साल की तुलना में यह कम रहा। आज सुबह 9 बजे के करीब दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 316 था, जो काफी खराब स्थिति को दर्शाता है। जबकि एक घंटे पहले 8 बजे AQI 333 था। आज लोगों को दिवाली से भी ज्यादा प्रदूषित हवा में सांस लेना पड़ा। दिवाली की सुबह एक्यूआई 326 रहा था। दिवाली और उसके एक दिन बाद प्रदूषण कम रहने की एक बड़ी वजह हवाओं को बताया गया था लेकिन जैसे ही हवाएं कमजोर पड़ीं तो प्रदूषण बढ़ने लगा है।
हरियाणा में धान का सीजन खत्म हो चुका है, लेकिन खेतों में अब भी पराली जलाई जा रही है। जानकार बता रहे हैं कि पिछले साल के मुकाबले इसमें काफी कमी आई है। अकेले हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं की बात करें तो अब तक इतने मामले सामने आ चुके हैं।
अंबाला- 93
फतेहाबाद- 193
हिसार- 23
जींद – 110
करनाल – 224
कुरुक्षेत्र – 246
पलवल – 16
पानीपत – 20
सिरसा – 27
सोनीपत – 10
यमुनानगर – 79
