भेल झाँसी
सार्वजनिक क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनी भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड, झॉंसी एवं बुंदेलखण्ड विश्वविद्यालय, झॉंसी के मध्य प्रौद्योगिकी, शैक्षणिक एवं अनुसंधानपरक क्रियाकलापों सम्बंधी तकनीक एवं अभिज्ञान के पारस्परिक आदान-प्रदान हेतु समझौता ज्ञापन किया गया। बुंदेलखण्ड विश्वविद्यालय के कुलपति सदन में बीएचईएल के महाप्रबंधक पॉली एनसी एवं कुलपति प्रोफेसर मुकेश पाण्डेय ने तथा समन्वयकर्ता के रूप में आईएमएस की सहा.प्रोफेसर डॉ. शिप्रा सक्सेना एवं बीएचईएल के उप प्रबंधक डॉ.संतोष कुमार मिश्र ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
बुंदेलखण्ड विश्वविद्यालय के कुलसचिव विनय सिंह, प्रोफेसर एसपी सिंह, प्रोफेसर एम एम सिंह, प्रोफेसर डी के भट्ट, प्रोफेसर सैनी, डॉ.लवकुश, डॉ.विशाल आर्या, डॉ.कमल भाटिया, अभिनव श्रीवास्तव, सुश्री प्रियंका चौहान, सुश्री शैली गोयल, के साथ अनेक गणमान्य अतिथि, सुप्रसिद्ध शिक्षाविद एवं विद्वज्जनों की गरिमामय उपस्थिति में उक्त कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। समझौता ज्ञापन का उद्देश्य परस्पर दीर्घकालिक संबंध बनाना तथा दोनों पक्षों के बीच स्वस्थ एवं सुदृढ. व्यवस्था विकसित करना है, ताकि संस्थान-उद्योग के मध्य शैक्षणिक एवं अनुसंधानपरक क्रियाकलापों में पारस्परिक सम्बंधों को नूतन आयाम दिया जा सके।
इसके अंतर्गत मुख्यत: निम्न बिंदु समाहित हैं संस्थान-उद्योग के शैक्षणिक सम्बंध मजबूत करना। पारस्परिक हित के क्षेत्रों में ज्ञान साझा करना। आपसी लाभ हेतु संसाधनों को साझा करना। छात्रों हेतु प्रशिक्षण सुविधा। अतिथि/आमंत्रित व्याख्यान एवं कार्यशालाओं का आयोजन।, औद्योगिक दौरा एवं व्यवसायिक भ्रमण,आदि प्रमुख है। विदित है कि जहां बीएचईएल, सार्वजनिक क्षेत्र की एक सुप्रसिद्ध महारत्न कम्पनी है तथा बुंदेलखण्ड में स्थित बीएचईएल की इकाई अपने औद्योगिक क्रियाकलापों के साथ कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के अंतर्गत अनेकानेक शैक्षणिक, सामाजिक उन्नयन तथा सेवाभावी प्रकल्पों के माध्यम से राष्ट्र की प्रगति एवं देश के विकास हेतु कृत संकल्पित है।
वहीं बुदेलखण्ड विश्वविद्यालय, झाँसी, इंजीनियरिंग, प्रबंधन एवं एकेडमिक शिक्षण का एक उत्कृष्ट एवं सुप्रसिद्ध संस्थान है, जो बुंदेलखण्ड में शैक्षणिक गतिविधियाँ के माध्यम से क्षेत्रीय प्रतिभाओं को विविध पाठ्यक्रमों में पारंगत कर उन्हैं स्वावलम्बी, आत्मनिर्भर बनाने के साथ उनके सर्वांगीण विकास एवं देश की शैक्षणिक प्रगति में महती भूमिका का निर्वहन कर रहा है। उल्लेखनीय है कि इन दोंनों के मध्य हुए समझौता ज्ञापन से बुन्देलखण्ड क्षेत्र के शैक्षणिक एवं तकनीकी विकास में नया आयाम स्थापित होगा।
