पटना
लालू यादव के बेहद करीबी और आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह की नाराजगी क्या अभी भी दूर नहीं हुई है? ये सवाल इसलिए उठे हैं क्योंकि पिछले करीब 40 दिनों से वो पटना पार्टी ऑफिस नहीं गए हैं। ये स्थिति तब है जब जगदानंद सिंह राजधानी पटना में मौजूद रहे। वो दो दिनों तक राजधानी में रहने के बावजूद आरजेडी कार्यालय का दौरा नहीं किया। इसको लेकर सियासी गलियारे में चर्चा तेज है। उन्हें आखिरी बार पार्टी कार्यालय आए करीब 40 दिन हो चुके हैं।
दो दिन पटना में रहे पर पार्टी मुख्यालय नहीं पहुंचे जगदा बाबू
ऐसा बताया जाता है कि जगदानंद सिंह पार्टी ऑफिस आने को लेकर हमेशा एक्टिव रहते थे। जब भी पार्टी कार्यालय का दौरा करने की बात आती तो वो तय समय पर यहां पहुंचे। वह सुबह करीब 11 बजे पटना आरजेडी ऑफिस पहुंच जाते थे और शाम तक रहते थे। हालांकि, आखिरी बार 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के मौके पर आरजेडी प्रदेश अध्यक्ष पार्टी मुख्यालय गए थे। फिर जब उनके बेटे सुधाकर सिंह ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया तो उसी के बाद से जगदानंद सिंह के रूख में बदलाव आया।
क्या नाराजगी के चलते नहीं जा रहे आरजेडी ऑफिस?
ऐसा माना जाता है कि जगदानंद सिंह पार्टी नेतृत्व से तब से नाराज हैं जब उनके बेटे सुधाकर सिंह को नीतीश कुमार कैबिनेट से बाहर होना पड़ा था। सुधाकर सिंह ने अपने विभाग में ‘बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार’ को लेकर टिप्पणी की थी। उसी के बाद उन पर एक्शन हुआ था। इसी के बाद से जगदानंद सिंह नाराज बताए जा रहें। शायद यही वजह रही कि 9 और 10 अक्टूबर को दिल्ली में पार्टी की दो दिवसीय बैठक में भी वो शामिल नहीं हुए थे। वो भी उस समय जब आरजेडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम का ऐलान किया गया था।
आरजेडी सूत्रों ने कहा- जगदानंद सिंह का स्वास्थ्य ठीक नहीं है
सूत्रों के मुताबिक, जगदानंद सिंह करीब एक महीने से अधिक समय के बाद बुधवार को पटना आए। उनकी स्वास्थ्य ठीक नहीं है। गुरुवार को वो डॉक्टरों से मिले और फिर कैमूर स्थित अपने पैतृक गांव सहुका लौट आए। हालांकि आरजेडी के प्रदेश प्रवक्ता चितरंजन गगन ने कहा कि जगदानंद सिंह और पार्टी के बीच सब ठीक है। उनकी तबीयत ठीक नहीं है इसलिए वो डॉक्टरों को दिखाने के लिए आए थे। वहीं सूत्रों ने कहा कि आरजेडी के वरिष्ठ नेताओं के कई फोन कॉल के बावजूद, जगदानंद सिंह पार्टी कार्यालय नहीं गए और न ही पार्टी की किसी गतिविधि में हिस्सा लिया।
