– किसी एक पैनल को बहुमत न मिलने से जोड़-तोड़ का दौर
भोपाल
भेल की बीएचईई थ्रिफ्ट एंड के्रडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी के चुनाव में रविवार को मतदान फिर रूझान आने के बाद यह माना जा रहा था कि प्रगतिशील पैनल सत्ता सुख भोगेगी क्योंकि रूझान में उसके 6 उम्मीदवार जीतते हुये साफ दिखाई दे रहे थे लेकिन एन वक्त पर इस पैनल के रामनारायण गिरी और आदर्श पैनल के राजेश शुक्ला को बराबर-बराबर वोट मिलने के कारण फैसला टाई में चला गया ।
देर रात चुनाव अधिकारी ने पर्ची डलवा कर जब फैसला लिया तो श्री गिरी को हार का सामना करना पड़ा और श्री शुक्ला को विजयी घोषित किया । यहीं से बहुमत का खेल बिगड़ गया प्रतिशील पैनल के पास सिर्फ 5 ही उम्मीदवार शेष रह गये हैं इन्हें बहुमत के लिये 6 की जरूरत है । मंगलवार को संस्था में अध्यक्ष के चुनाव दिन में 12 बजे होना है सभी पैनलों के विजयी उम्मीदवार इस बैठक में भाग लेंगे और नये अध्यक्ष का फैसला होगा ।
प्रगतिशील पैनल ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में पहले ही बंसत कुमार को अध्यक्ष घोषित कर दिया है । लेकिन पूर्ण बहुमत न होने से वह अध्यक्ष बन पायेंगे या नहीं यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है । इसके लिये सोमवार से ही जोड़-तोड़ की राजनीति शुरू हो गई है । सुबह से ही अध्यक्ष पद पाने के लिये किसी एक विजयी उम्मीदवार को तलाश जारी है ।
अटकलों का बाजार यह चल रहा है कि आदर्श पैनल से किस्मत के धनी एक मात्र विजयी उम्मीदवार राजेश शुक्ला किंग मेकर की भूमिका में दिखाई दे रहे हैं । जोड़-तोड़ करने वाले न केवल उनसे दूरभाष पर बात कर रहे हैं बल्कि इसके लिये बैठकों का दौर भी जारी है । यदि जानकारों की माने तो वह प्रगतिशील पैनल को समर्थन दे सकते हैं और बड़ा पद हासिल करने में कामयाब दिखाई दे रहे हैं क्योंकि इस पैनल से उनकी पटरी भी बैठती है ।
रही बात अन्य पैनलों की तो राजनीति में उनके प्रबल विरोधी सत्यमेव जयते पैनल और पारदर्शी पैनल भी एक-दूसरे से मिलते हैं तो उनके विजयी उम्मीदवारों की संख्या भी 5 हो जाती है । ऐसे में वह भी किसी एक विजयी उम्मीदवार को अपने पक्ष में करने की कोशिश करेगा । ऐसे में श्री शुक्ला से बातचीत कर सकता है लेकिन यह दोनों पैनल को समर्थन देना उनके लिये मुश्किल दिखाई दे रहा है ।
राजनीति के मास्टर माइंड एक यूनियन नेता की बिना सहमति के वह इस पैनल में शामिल नहीं हो सकते इसलिये यह कहा जाना मुश्किल है कि सत्यमेव जयते और पारदर्शी पैनल अपना अध्यक्ष बनाने में सफल हो जायेगा । ऐसे में सिर्फ एक ही रास्ता बचता है कि यह दोनों प्रगतिशील पैनल से ही किसी एक का समर्थन हासिल कर सके । अब इसमें से कौन समर्थन देगा इसके लिये देर रात तक बैठक और उठापठख का दौर चलता रहा यह दौर मंगलवार 12 बजे तक चलता रहेगा ।
राजनीति में कोई किसी का माईबाप नहीं यह जग जाहिर है जब श्री शुक्ला पिछले चुनाव में अपने प्रतिद्वंदी को इस बार समर्थन दे सकते हैं तो प्रगतिशील पैनल का कोई एक किसी दूसरे पैनल को समर्थन दे सकता है । गौरतलब है कि श्री शुक्ला पिछले चुनाव में जिस अध्यक्ष का समर्थन करने का मन बना रहे हैं उसी संचालक मंडल ने विपक्ष की भूमिका में थे । रात बाकी है बात बाकी है । अध्यक्ष पद हथियाने के लिये विसात बिछाई जा रही है इसमें कौन सफल होगा कौन नहीं यह तो मंगलवार की शाम तक पता चल जायेगा।
