नई दिल्ली,
पब्लिक सेक्टर के प्रमुख बैंकों में से एक पंजाब नेशनल बैंक जल्द ही अपने ग्राहकों को खुशखबरी दे सकता है. पीएनबी डेबिट कार्ड से ट्रांजेक्शन की लिमिट में बदलाव करने की तैयारी में है. इसको लेकर पीएनबी ने संकेत भी दिए हैं. बैंक ने अपनी वेबसाइट पर एक नोटिस जारी कर लिखा है कि प्रिय ग्राहकों, बैंक जल्द ही हाई एंड वेरिएंट डेबिट कार्ड से लेनदेन की ट्रांजेक्शन की लिमिट में बदलाव करेगा.
बढ़ने वाली है ट्रांजेक्शन की लिमिट
पंजाब नेशनल बैंक के अनुसार, मास्टर कार्ड, रुपे और वीजा गोल्ड डेबिट कार्ड के सभी प्लैटिनम वेरिएंट के लिए रोजाना एटीएम से निकासी की लिमिट को 50,000 रुपये से बढ़ाकर 1,00,000 रुपये किया जा सकता है. वहीं, POS पर ग्राहक प्रतिदन 1,25,000 रुपये की जगह 3,00,000 रुपये तक का ट्रांजेक्शन कर सकते हैं. बैंक ने कहा कि रुपे सिलेक्ट और वीजा सिग्नेचर डेबिट कार्ड के लिए ATM से नकद निकासी की लिमिट 50,000 रुपये से बढ़ाकर 1,50,000 रुपये की जाएगी. इन कार्डों के लिए POS से लेनदेन की रोजाना की लिमिट को 1,25,000 रुपये से बढ़कर 5,00,000 रुपये तक किया जाएगा.
ऐसे लिमिट बढ़वा सकते हैं ग्राहक
पीएनबी ने एक बयान में कहा कि ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग ऐप, पीएनबी एटीएम, आईवीआर या बेस ब्रांच में जाकर ट्रांजेक्शन की लिमिट में हुए बदलाव का लाभ उठा सकते हैं. साथ ही पीएनबी ने अपने ग्राहकों से कार्ड सेफ्टी को लेकर कहा कि वे किसी के साथ भी अपने डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और बैंक खाते से जुड़ी पर्सनल डिटेल्स शेयर न करें.
दरअसल, कई बार साइबर अपराधी ग्राहकों को फोन कर क्रेडिट कार्ड की लिमिट को बढ़ाने का झांसा देकर उनकी पर्सनल जानकारियां हासिल कर लेते हैं. इसके बाद वो ग्राहकों के खाते से अवैध तरीके से पैसों की निकासी कर लेते हैं.
अभी कितनी है लिमिट
जिनके पास रुपे और मास्टर वर्जन के बैंक द्वारा जारी क्लासिक डेबिट कार्ड हैं, उनके लिए प्रतिदिन कैश निकासी की लिमिट 25,000 रुपये, एकमुश्त नकद निकासी की सीमा 20,000 रुपये और पीओएस से लेनदेन की सीमा है 60,000 रुपये है. पीएनबी के जिन ग्राहकों के पास विजा का गोल्ड डेबिट कार्ड है, उनके लिए रोजना कैश निकासी की लिमिट 50,000 रुपये, एकमुश्त नकद निकासी की सीमा 20,000 रुपये और पीओएस से लेनदेन की सीमा 1,25,000 रुपये है.
इस तरह के कॉल- मैसेज से रहें सावधान
साइबर प्रॉड से बचने के लिए बैंक ने साफ कहा है कि पिन नंबर, ओटीपी, ईमेल-आईडी जैसी डिटेल्स मांगने वाले ई-मेल, कॉल और SMS सही नहीं होते हैं. बैंक, RBI, इनकम टैक्स, पुलिस अधिकारी फोनकर कभी भी ग्राहकों से इस तरह की डिटेल्स नहीं मांगते हैं. अगर आपको थोड़ा सा भी अवैध ट्रांजेक्शन का संदेह हो तो अपने कार्ड का पिन तुरंत बदल दें या फिर बैंक के कस्टमर केयर अधिकारी से संपर्क करें.
