-मिलेंगे बड़े आर्डर,सेमी हाई स्पीड ट्रेन पकड़ेगी रफ्तार,6000 करोड़ के आर्डर
भोपाल
बीएचईएल महारत्न कंपनी स्टे्रजिक प्लान 2022-27 के लिये तेजी से काम कर रही है । कंपनी के सीएमडी डॉ. नलिन सिंघल पूरी ताकत के साथ हर यूनिट में जाकर इसे सफल बनाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि अगले वित्तीय वर्ष 2023-24 में सभी यूनिट और बेहतर परफारमेंस कर सके । दूसरी और सरकार भी अपने इरादे को मजबूत बनाने के लिये नई नीति बनाकर इसे सफल बनाने का प्रयास कर रही है ।
फिलहाल दिल्ली कॉरपारेट का पूरा फोकस भोपाल यूनिट के हाइड्रो ब्लॉक पर है । हाइड्रो पर होल्ड खत्म करना उसकी पहली प्राथमिकता है साथ ही सरकार की नई नीति हाइड्रो पर ज्यादा है इसलिये पीएमओ इसकी मानिट्ररिंग कर रहा है । यदि ऐसा होता है तो अगले वित्तीय वर्ष में यह यूनिट सबसे ज्यादा टर्नओवर और प्राफिट दिखायेगी । इधर सेमी हाई स्पीड टे्रन का काम भी जोरों पर रहेगा । इसके लिये 6000 करोड़ के आर्डर भेल के पास होने की खबर है । हालांकि इस बात की पुष्टि भेल प्रक्ता ने नहीं की ।
बदलते परिवेश में प्रदूषण नियंत्रण पर भी ज्यादा जोर दिया जा रहा है । कंपनी के थर्मल ब्लॉक में आर्डरों की कमी बनी है इसको बढ़ाने के पूरे प्रयास किये जा रहे हैं । इसके लिये यदि भेल के सीएमडी के प्रयास सफल हुये तो थर्मल काफी आगे जा सकता है । कंपनी ने तालीबीरा उड़ीसा में एक थर्मल पॉवर की बोली भी कंपनी ने लगा दी है। इसके अलावा सैन्य उपकरण बनाने की और भी ध्यान दिया जा रहा है ।
कोयला से गैस बनाने की योजना भी शुरू कर दी गई । भेल का भविष्य न्यूक्लियर के क्षेत्र में ज्यादा दिखाई दे रहा है । यह कहा जा रहा है कि भोपाल यूनिट में 16 वंदेमातरम् टे्रन का काम भी शुरू होगा । सोलर प्लांट की बात करें तो इसमें बीएचईएल को कोई खास मुनाफा नहीं मिल रहा है । जर्मनी और जापान से पहले उपकरण बुलाते थे जो अब चीन उत्पाद के मुकाबले काफी महंगा पड़ रहा है । इसलिये कंपनी धीर-धीरे सोलर से ध्यान हटाने की कोशिश कर रहा है । कंपनी मटेरियल कॉस्ट कम करने की कोशिश भी कर रही है साथ ही धीरे-धीरे साइट पर काम कम करने की और से भी ध्यान हटा रही है ।
सूत्र बताते हैं कि डिजाइन इंजीनियरों की महत्वपूर्ण भूमिका होने के कारण उनकी तलाश कर सही जगह पर बिठाने की कोशिश में लगी है । भेल भोपाल यूनिट का भविष्य बेहतर दिखाई दे रहा है हाइड्रो,ट्रांसफार्मर और टे्रक्शन मोटर भी अगले साल और बेहतर परफारमेंस दिखाने की कोशिश करेगा । नये मुखिया के आने के बाद कारखाने में काम ज्यादा और नेतागिरी कम दिखाई दे रही है ।
इससे लगता है कि इस वित्तीय वर्ष में भी बेहतर परफारमेंस हो सकता है लेकिन पिछले आठ माह में 1500 करोड़ का उत्पादन होना कुछ कम दिखाई दे रहा है इस पर मुखिया को ज्यादा ध्यान देना होगा । अकेले नवंबर माह में इस यूनिट ने करीब 154 का उत्पादन किया है जो काफी कम दिखाई दे रहा है । कैश कलेक्शन की स्थिति भी नवंबर 2022 तक करीब 1672 करोड़ बताई जा रही है।
दिसंबर 2022 में इस यूनिट की तीसरी तिमाही के परिणाम आना बाकी है इसलिये जनवरी से 31 मार्च 2023 में उत्पादन की गति का हर हाल में बढ़ाना पड़ेगा तब कहीं जाकर यह यूनिट अपना नाम रोशन कर सकती है । यह सही है कि भेल कर्मचारियों के पीपी व एसआईपी बोनस व अन्य मांगों लेकर कर्मचारी नाराज हैं यूनियनें भी परेशान है ऐसे में इनकी मांगों पर कंपनी ध्यान देगी तो संभवत: उत्पादन की गति और तेज हो जायेगी ।
