6.5 C
London
Sunday, April 19, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीययूएई के इस कानून से भारतीयों की बढ़ेगी मुश्किल, नौकरी पाने के...

यूएई के इस कानून से भारतीयों की बढ़ेगी मुश्किल, नौकरी पाने के लिए करनी होगी मशक्कत

Published on

अबू धाबी

खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय काम करते हैं। इसके साथ ही बांग्लादेश, नेपाल और पाकिस्तान के कर्मचारियों की भी एक बड़ी संख्या है। लेकिन अब UAE अपने नागरिकों को अर्थव्यवस्था में जगह देना चाहता है। अभी तक नागरिकों को सीधे नौकरी देने के लिए सरकारी कंपनियों का इस्तेमाल UAE करता था। लेकिन एक नए नियम के मुताबिक अगर 1 जनवरी तक प्राइवेट कंपनिया अपने कुल कर्मचारियों में 2 फीसदी जगह UAE के नागरिकों को नहीं देतीं तो उन पर जुर्माना लगाया जाएगा। भविष्य में अमीराती कर्मचारियों का प्रतिशत और भी बढ़ाया जाएगा। माना जा रहा है कि इसका सीधा प्रभाव भारतीय लोगों पर होगा।

UAE के 34 साल के शोधकर्ता खलीफा अल-सुवेदी ने कहा अब समय बदल रहा है। अल-सुवेदी पिछले साल जून में सरकारी नौकरी छोड़ने के बाद प्राइवेट सेक्टर में नौकरी की तलाश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमीराती लोगों में बहुत से टैलेंटेड लोग हैं और सभी को सरकारी नौकरी नहीं दी जा सकती। अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के आंकड़ों के मुताबिक प्राइवेट सेक्टर में 90 फीसदी विदेशी हैं। द यूएई आफ्टर द अरब स्प्रिंग किताब लिखने वाले अल-सुवेदी का मानना है कि कई कंपनियों ने उनके आवेदन को रिजेक्ट कर दिया क्योंकि उन्हें लगता है कि एक अमीराती ज्यादा पैसे मांगेगा।

10 फीसदी नौकरी होगी UAE के लोगों की
सरकार का लक्ष्य है कि 2026 तक प्राइवेट कंपनियों में 10 फीसदी जॉब अमीराती लोगों की हो। नए साल के शुरुआती महीने में 50 से ज्यादा कर्मचारियों वाली कंपनी को अपने 2 फीसदी कर्मियों में अमीराती लोगों को भरना होगा। अगर वह ऐसा करने में विफल रहीं तो उन पर जुर्माना लगाया जा सकता है। इस नए नियम के कारण हाल ही में कई कंपनियों में बड़ी संख्या में भर्तियां देखी गई हैं। लेकिन फिर भी अभी तक कई कंपनियां इस लक्ष्य को पूरा करने में सक्षम नहीं हैं। इसका सबसे बड़ा कारण ज्यादा सैलरी की मांग है।

प्राइवेट नौकरी नहीं करते UAE के लोग
नवंबर में UAE के मानव संसाधन मंत्री अब्दुलरहमान अल-अवर ने कहा कि 2022 में 14,000 से ज्यादा अमीराती ने नौकरी शुरू की। सरकार 30 हजार दिरहम से कम सैलरी वाले लोगों के लिए एक स्कीम भी लाई है, जिसमें उन्हें 7 हजार दिरहम (1.57 लाख रुपए) दिए जाएंगे। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में शोधकर्ता मीरा अल हुसैन ने कहा कि अमीराती लोग प्राइवेट नौकरियों के पीछे कभी नहीं रहे, या तो वह सरकारी नौकरी करते हैं, अपना खुद का बिजनेस शुरु करते हैं या फिर कंपनियों में 51 फीसदी की हिस्सेदारी एंजॉय करते हैं। लेकिन अब लगातार नौकरियों की कमी हो रही है। हाल ही में इस मुद्दे ने तूल तब पकड़ा जब एक सैंडविच बनाने वाले की नौकरी निकली। ट्विटर पर कहा गया कि अमीराती लोगों को शर्मिंदा करने के लिए ऐसा किया गया है।

Latest articles

महिला आरक्षण बिल पास नहीं हुआ, PM बोले- माफी मांगता हूं

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राष्ट्र को संबोधित किया। इस दौरान पीएम...

छत्तीसगढ़ की बेटी संजू देवी को 50 लाख की प्रोत्साहन राशि, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किया सम्मानित

रायपुर। भारत को कबड्डी विश्वकप और एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक दिलाने वाली छत्तीसगढ़...

राजस्थान की बेटियां हर क्षेत्र में बना रही हैं अपनी विशिष्ट पहचान : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश की छात्राओं के साथ वर्चुअल संवाद के माध्यम...

77वें राजस्थान पुलिस स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने की शिरकत

जयपुर। राजस्थान पुलिस के 77वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह...

More like this

ट्रम्प बोले- इजराइल और लेबनान 10 दिन के सीजफायर पर राजी, आज रात 2:30 बजे से लागू होगा

दोनों देशों से बात कर सहमति बनाई तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा...

इस्लामाबाद में ईरान-अमेरिका वार्ता: लेबनान पर तकरार, तेहरान और अमेरिका अपनी शर्तों पर अड़े!

नई दिल्ली। लगभग छह हफ़्तों तक चले विनाशकारी संघर्ष के बाद अब पूरी दुनिया...