नई दिल्ली
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन कैंसर से पीड़ित हैं और इससे निजात के लिए वे पश्चिमी देशों की दवाओं का सहारा ले रहे हैं। न्यूयॉर्क पोस्ट ने अपनी एक रिपोर्ट में इस बात की जानकारी दी है। पोस्ट ने रूसी इतिहासकार और राजनीतिक विश्लेषक वालेरी सोलोवी के हवाले से बताया है कि “वह सबसे उच्च स्तर का इलाज ले रहे हैं जो रूस में उपलब्ध नहीं है।” रूसी दवाएं उनके इलाज में कारगर साबित नहीं हो रही हैं। इतिहासकार ने यह भी दावा किया है कि अत्याधुनिक उपचार के बावजूद डॉक्टर उनके स्वास्थ्य की स्थिति के बारे में बहुत आशावादी नहीं हैं।
इससे पहले मीडिया रिपोर्टों में उनके स्वास्थ्य को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई गई थीं। नवंबर में क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज़-कैनेल के साथ रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात का एक वीडियो में वे असहज स्थिति में दिख रहे थे। डियाज़-कैनेल के साथ द्विपक्षीय वार्ता के दौरान, ब्रिटिश डेली एक्सप्रेस ने बताया था कि पुतिन जिस कुर्सी पर बैठे थे, उसके हत्थे को तेजी से दबाकर पकड़े थे। वे असामान्य हालत में दिख रहे थे। रिपोर्ट में कहा गया था कि उन्हें असामान्य रूप से अपने पैर को थपथपाते हुए भी देखा गया था।
पिछली मई में जारी एक रिपोर्ट में बताया गया था कि एक लीक ऑडियो से पता चलता है कि पुतिन को ब्लड कैंसर है और वह “बहुत बीमार” हैं। एक्सप्रेस रिपोर्ट में कहा गया, “कुछ महीने मास्को में आयोजित विजय दिवस परेड के दौरान, पुतिन को अपने पैरों को कंबल से ढंकते हुए देखा गया और उनके हाथों पर स्पष्ट निशान देखे गए, जो अंतःशिरा ड्रिप से हो सकते हैं।” कई रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि उनको परकिंसन की बीमारी भी हैं।
हालांकि पुतिन की बीमारी को लेकर मीडिया में आ रहीं तमाम खबरों के बावजूद सरकारी स्तर पर इसको लगातार खारिज किया जा रहा है। सरकारी प्रवक्ता राष्ट्रपति पुतिन के बिल्कुल स्वस्थ होने और उन्हें किसी भी तरह की दिक्कत होने से इनकार किया है। यह भी कहा गया है कि ऐसी अटकलें बेबुनियाद हैं।
