नई दिल्ली
दिल्ली की ‘छोटी सरकार’ का मुखिया चुने जाने के दौरान बवाल हो गया। सिविक सेंटर में मेयर चुनाव के पहले, आम आदमी पार्टी के सदस्यों ने खूब हंगामा किया। वे पीठासीन अधिकारी के मनोनीत सदस्यों को पहले शपथ दिलाए जाने से नाराज थे। वोटिंग शुरू होने से पहले, AAP और बीजेपी के पार्षदों में धक्का मुक्की भी हुई। इस दौरान नारेबाजी की गई और पर्चे उछाले गए। मेयर के अलावा डिप्टी मेयर और स्टैंडिंग कमिटी के 6 सदस्यों का चुनाव भी आज ही होगा। डिप्टी मेयर के पद पर मटिया महल वॉर्ड के आप के पार्षद आले मोहम्मद इकबाल का मुकबाला बीजेपी के प्रत्याशी कमल बागड़ी से होगा, जो राम नगर वॉर्ड से पार्षद हैं। इनके अलावा स्टैंडिंग कमिटी के 6 सदस्यों के पद के लिए 7 उम्मीदवारों ने पर्चे भरे हैं। इनमें आप के 4 और बीजेपी के 2 उम्मीदवार हैं। गजेंद्र दराल ने पहले निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में पर्चा भरा था, लेकिन अब वह बीजेपी में शामिल हो चुके हैं।
AAP को राजनीतिक समीकरण बिगड़ने का डर
एलजी द्वारा की गई एल्डरमैन की नियुक्ति को लेकर आम आदमी पार्टी की मुख्य चिंता एमसीडी में समीकरण बिगड़ने की है। एलजी ने जिन 10 लोगों को एमसीडी में पार्षद मनोनीत किया है, उनका सीधा ताल्लुक बीजेपी से होने की चर्चा है। बीजेपी इस बार विपक्ष में है। ऐसे में इन मनोनीत पार्षदों की मौजूदगी से एमसीडी में बीजेपी को राजनीतिक बल मिल सकता है। मनोनीत पार्षद मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव में वोट नहीं डाल सकते, लेकिन स्टैंडिंग कमिटी मेंबर और जोन चेयरमैन के चुनाव में वोट डाल सकते हैं। इससे एमसीडी में नीतिगत फैसले लेने वाली स्टैंडिंग कमिटी में आम आदमी पार्टी के समीकरण गड़बड़ा सकते हैं। जोनल इलेक्शन में भी इसका असर पड़ सकता है। इसी वजह से आप एल्डरमैन की नियुक्ति का कड़ा विरोध कर रही है।
