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रूस ने दुनिया की सबसे बड़ी पनडुब्बी से परमाणु सुनामी वाले टारपीडो का किया परीक्षण, पुतिन का इरादा क्या है?

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मॉस्को

यूक्रेन युद्ध के बीच रूस ने दुनिया के सबसे बड़ी पनडुब्बी बेलगोरोड से परमाणु सुनामी लाने वाले टारपीडो पोसाइडन को टेस्ट किया है। परमाणु शक्ति से चलने वाली यह पनडुब्बी 604 फीट लंबी और 30,000 टन वजनी है। इस पनडुब्बी से फायर किए जाने वाला पोसाइडन टारपीडो परमाणु वॉरहेड से लैस है। रूस की सरकारी मीडिया ने बताया है कि बेलगोरोड पनडुब्बी से पोसाइडन टारपीडो के टेस्ट की एक सीरीज को पूरा कर लिया गया है। यह टेस्ट पोसाइडन टारपीडो लॉन्च सिस्टम की क्षमताओं की जांच करने के लिए थी। यह टारपीडो पनडुब्बी से अलग होने के बाद स्वतंत्र रूप से दुश्मन के इलाके में मौजूद उथले समुद्र में हमला कर सकता है।

रूस ने क्यों किया परमाणु टारपीडो को टेस्ट
रूसी रक्षा मंत्रालय के एक सूत्र ने बताया कि पोसाइडन टारपीडो लॉन्च के बाद अलग-अलग गहराई पर पनडुब्बी के व्यवहार का अध्ययन किया गया। इस दौरान पोसीडॉन सुपर-टारपीडो मॉडल की थ्रो फायरिंग की गई। पोसाइडन पानी के नीचे परमाणु हमला करने में सक्षम टारपीडो है। इस परीक्षण के बाद यूक्रेन में परमाणु युद्ध की आशंका और ज्यादा गहरा गई है। माना जाता है कि बेलगोरोड एक समय में आठ पोसीडॉन तक ले जाने में सक्षम है। प्रत्येक पोसाइडन टारपीडो 79 फीट लंबा है, जो पानी की सतह से लगभग 80 मील प्रति घंटे की गति से यात्रा कर सकता है।

दुनिया की सबसे बड़ी पनडुब्बी है बेलगोरोड
सबसे बड़ी बात यह है कि यह टारपीडो पूरी तरह से ऑटोनोमोस है अपने लक्ष्य की तरफ बढ़ने के दौरान यह पानी के भीतर सही समय का खुद ही इंतजार कर सकती है। वहीं, बेलगोरोड दुनिया की सबसे बड़ी पनडुब्बी है। इसके आकार को देखते हुए इसे सिटी किलर की उपाधि दी गई है। यह एक समय में लगभग 120 दिनों तक पानी के नीचे रह सकती है। बेलगोरोड रूस की ऑस्कर II क्लास की पनडुब्बी का अपग्रेडेड वर्जन है। यह सोवियत संघ के पतन के पहले बनाई गई पनडुब्बी है, जिसमें कई ऐसे हथियार और उपकरण लगे हुए हैं, जो गुपचुप तरीके से हमला करने में मदद करते हैं।

बेहद ताकतवर है पोसाइडन टारपीडो
पोसाइडन टारपीडो 100 मेगाटन के न्यूक्लियर वॉरहेड से लैस है। इस टारपीडो का व्यास 6 फीट है। एक बार लॉन्च होने के बाद इस टारपीडो को अंडर वॉटर ड्रोन की तरह ऑपरेट किया जा सकता है। इसे लक्ष्य तक सैकड़ों किलोमीटर दूर तक ऑपरेट किया जा सकता है। पोसाइडन 115 मील प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकता है। यह टारपीडो समुद्र में 1 किलोमीटर की गहराई तक जा सकता है। दुनिया में कोई भी टारपीडो इतनी गहराई तक नहीं जा सकती है।

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