नई दिल्ली
अपने संयोजक अरविंद केजरीवाल को भेजे गए रिकवरी नोटिस पर आम आदमी पार्टी आगबबूला है। डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने गुरुवार को इसके लिए बीजेपी को जिम्मेवार ठहराया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिसोदिया ने कहा कि बीजेपी ने अफसरों को मजबूर किया कि वे मुख्यमंत्री को ऐसा नोटिस भेजें। डिप्टी सीएम ने कहा कि ‘दिल्ली सरकार में जो अफसर काम करते हैं, उनके पर बीजेपी ने केंद्र सरकार के जरिए असंवैधानिक नियंत्रण कर रखा है।’ सिसोदिया ने कहा कि बीजेपी अफसरों का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता ने प्रचंड बहुमत से अरविंद केजरीवाल को चुना है। हमें मैनडेट दिया कि दिल्ली के अफसरों से जनता का काम कराइए लेकिन बीजेपी असंवैधानिक रूप से इन अफसरों पर अपना कब्जा जमाकर बैठी है। सिसोदिया ने कहा कि चुनी हुई सरकार के मंत्रियों को टारगेट किया जा रहा है।
‘बीजेपी सरकारों के विज्ञापनों से दिल्ली के अखबार भरे पड़े हैं’
सिसोदिया ने कहा कि ये पुराना मसला है। 2016-17 में दिल्ली से बाहर ऐड दिए गए। अब ये कहा जा रहा है कि केजरीवाल को दिल्ली से बाहर ऐड नहीं देने चाहिए थे। सिसोदिया ने चुनौती देते हुए कहा, ‘आप पिछले एक महीने के अखबार उठाकर देख लीजिए, बीजेपी के अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्रियों के विज्ञापनों से दिल्ली के अखबार भरे पड़े हैं। मध्य प्रदेश से लेकर गुजरात, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश हर जगह के… कांग्रेस के मुख्यमंत्रियों के भी आपको दिल्ली के अखबारों के खूब ऐड मिलेंगे। अगर गलत है तो वहां के मुख्यमंत्रियों से बीजेपी पैसा वसूलेगी?’
AAP ने DIP को भेजा जवाब
आम आदमी पार्टी की तरफ से DIP को नोटिस का जवाब दिया गया है। पार्टी ने उन विज्ञापनों की प्रतियां मांगी हैं जिनके खर्च की रिकवरी का नोटिस भेजा गया है। पार्टी ने कहा कि करीब 164 करोड़ रुपये की मांग मनमानी है, तथ्यों और कानून और मौजूदा नीतियों के प्रावधानों के विपरीत है।
