नई दिल्ली
अडानी ग्रुप के शेयरों का कत्लेआम आज लगातार दूसरे सत्र में जारी रहा। ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में 20 फीसदी तक गिरावट आई। इससे ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी की नेटवर्थ एक झटके में 22.6 अरब डॉलर यानी करीब 1.84 लाख करोड़ रुपये घटकर 96.6 अरब डॉलर रह गई। इसके साथ ही वह अमीरों की लिस्ट में सातवें नंबर पर खिसक गए हैं।अडानी ग्रुप के शेयरों में लगातार दूसरे सत्र में गिरावट आई। इससे पहले बुधवार को भी ग्रुप के शेयरों में 10 फीसदी तक गिरावट आई थी। इस तरह दो दिन में अडानी के 28 अरब डॉलर स्वाहा हो गए। अमेरिका की शॉर्ट सेलिंग कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च की एक निगेटिव रिपोर्ट के कारण अडानी ग्रुप के शेयरों में गिरावट आई है। इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अडानी ग्रुप ने शेयरों ने गड़बड़ी की। साथ ही उसके अकाउंटिंग में भी अनियमितताएं हैं। हालांकि अडानी ग्रुप ने इसे खारिज करते हुए अमेरिकी कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात कही है।
शुक्रवार को अडानी ग्रुप की कई कंपनियों में 20 फीसदी गिरावट आई। अडानी टोटल गैस, अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी ग्रीन एनर्जी और अडानी ट्रांसमिशन में 20 फीसदी गिरावट आए। इनमें से कई कंपनियों के शेयर एक झटके में 52 हफ्ते के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गए। अडानी पोर्ट्स में 17.13 फीसदी, अंबूजा सीमेंट्स में 17.50 फीसदी, एसीसी लिमिटेड में 13.04 फीसदी गिरावट आई। अडानी पावर , अडानी विल्मर और एनडीटीवी के शेयरों में पांच फीसदी गिरावट रही।
20 फीसदी नेटवर्थ स्वाहा
फोर्ब्स रियल टाइम बिलिनेयर के मुताबिक शेयरों में गिरावट से अडानी की 18.98 फीसदी नेटवर्थ एक झटके में स्वाहा हो गई। उनकी नेटवर्थ अब 96.6 अरब डॉलर रह गई है। इससे पहले बुधवार को भी उनकी नेटवर्थ में करीब छह अरब डॉलर यानी करीब 50 हजार करोड़ रुपये की गिरावट आई थी। पिछले साल अडानी की नेटवर्थ एक वक्त 150 अरब डॉलर पहुंच गई थी और वह दुनिया के अमीरों की लिस्ट में दूसरे नंबर पर पहुंच गए थे। लेकिन हाल में उनकी नेटवर्थ में काफी गिरावट देखने को मिली है और वह अमीरों की लिस्ट में नीचे खिसक गए हैं। अडानी फोर्ब्स रियल टाइम बिलिनेयर लिस्ट में सातवें नंबर पर खिसक गए हैं।
Hindenburg Research की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अडानी ग्रुप में सबकुछ ठीकठाक नहीं है। ग्रुप दशकों से खुल्लम-खुल्ला शेयरों में गड़बड़ी और अकाउंट धोखाधड़ी में शामिल रहा है। हालांकि अडानी ग्रुप ने इस रिपोर्ट को झूठ का पुलिंदा बताते हुए कहा है कि यह एफपीओ से पहले उसे बदनाम करने की साजिश है। अडानी ग्रुप का 20,000 करोड़ रुपये का एफपीओ शुक्रवार को सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया।
