नई दिल्ली,
केंद्रीय बजट के ऐलान के बीच दुनिया के टॉप-10 अमीरों की लिस्ट में मुकेश अंबानी ने गौतम अडानी को पीछे छोड़ दिया है. गौतम अडानी के शेयरों में आई गिरावट के चलते उनकी नेटवर्थ कम होकर 83.9 अरब डॉलर हो गई है. वहीं मुकेश अंबानी ने अब 84.3 अरब डॉलर नेटवर्थ के साथ गौतम अडानी को पीछे छोड़ दिया है. फोर्ब्स की इस लिस्ट में अडानी इस वक्त 10 नंबर पर पहुंच गए हैं तो वहीं अंबानी 9वें नंबर पर हैं. इससे पहले अडानी को 24 घंटे के अंदर 10 अरब डॉलर का घाटा हुआ था और तब वे चौथे नंबर से खिसकर आठवें स्थान पर पहुंच गए थे.
टॉप-10 अमीरों की लिस्ट में पीछे छूटते जा रहे अडानी एक दिन में सबसे ज्यादा संपत्ति गंवाने वाले अरबपतियों की लिस्ट में भी शामिल हो गए हैं. 20.8 अरब डॉलर की एक दिनी गिरावट के बाद वे एलन मस्क, जेफ बेजोस और मार्क जुकरबर्ग की श्रेणी में आ खड़े हुए हैं. एलन मस्क (Elon Musk) ने एक दिन में सबसे ज्यादा 35 अरब डॉलर, मार्क जुकरबर्ग (Mark Zukerberg) ने 31 अरब डॉलर और जेफ बेजोस (Jeff Bezos) ने 20.5 अरब डॉलर गवांए थे.
दुनिया के दूसरे अमीरों की बात करें तो टॉप-10 अरबपतियों की लिस्ट में पहले नंबर पर 214 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ बर्नार्ड अर्नाल्ट (Bernard Arnault) दुनिया के पहले और 178.3 अरब डॉलर के साथ एलन मस्क (Elon Musk) दूसरे सबसे अमीर इंसान हैं. 126.3 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ जेफ बेजोस (Jeff Bezos) तीसरे पायदान पर काबिज हैं. 111.9 अरब डॉलर के साथ लैरी एलिसन चौथे, 108.5 अरब डॉलर के वॉरेन बफे पांचवें, 104.5 अरब डॉलर के साथ बिल गेट्स छठे नबंर पर हैं.
अरबपतियों की लिस्ट में 91.7 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ कार्लोस स्लिम हेलु सातवें पायदान पर मौजूद हैं. इनमें 85.8 अरब डॉलर के साथ लैरी पेज दुनिया के आठवें सबसे अमीर व्यक्ति हैं. वहीं मुकेश अंबानी एक बार फिर से टॉप-10 अमीरों की सूची में दमदारी के साथ वापस आए हैं. मुकेश अंबानी 84.3 अरब डॉलर की नेटवर्थ (Mukesh Ambani Net Worth) के साथ Top-10 Billionaires लिस्ट में नौवें पायदान पर हैं. अडानी अब 83.9 अरब डॉलर के साथ दसवें नंबर पर आ चुके हैं.
अमेरिकी रिसर्च फर्म हिंडनबर्ग ने 24 जनवरी 2023 को एक रिपोर्ट पब्लिश की. इसमें अडानी ग्रुप को लेकर 88 सवाल दागे गए और कर्ज को लेकर भी दावे किए गए. इसका असर ग्रुप की कंपनियों के शेयरों पर हुआ. देखते ही देखते कई कंपनियों के शेयर धराशायी हो गए. रिपोर्ट के इन्वेस्टर्स के सेंटिमेंट पर पड़े असर के चलते अडानी की कंपनियों के बॉन्ड और शेयर में गिरावट देखी गई थी.
