16.4 C
London
Sunday, April 19, 2026
Homeराष्ट्रीयसंकट महाराष्ट्र का, नजीर बना अरुणाचल... इन दो सवालों को लेकर क्यों...

संकट महाराष्ट्र का, नजीर बना अरुणाचल… इन दो सवालों को लेकर क्यों असमंजस में है सुप्रीम कोर्ट

Published on

नई दिल्ली

2016 में पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने एक फैसला सुनाया था, जिस पर सुप्रीम कोर्ट के जज अब असमंजस में पड़ गए हैं। अरुणाचल प्रदेश के नबाम-रेबिया मामले में कोर्ट ने कहा था कि अगर विधानसभा अध्यक्ष को हटाने की याचिका पहले से लंबित है तो वह विधायकों की अयोग्यता पर फैसला नहीं ले सकते हैं। महाराष्ट्र के राजनीतिक संकट से जुड़े मामले की सुनवाई कर रहे जज अब यह निर्णय नहीं कर पा रहे हैं कि इसे जारी रखा जाए, संशोधित किया जाए या खत्म कर दिया जाए। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि दोनों पहलू पर फैसला करना एक बेहद पेचीदा संवैधानिक मसला बन चुका है। इसका बड़ा असर होगा। दरअसल, शिवसेना के उद्धव ठाकरे वाले धड़े ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि अयोग्यता याचिकाओं पर विधानसभा अध्यक्ष की शक्तियों को लेकर 2016 के फैसले पर पुनर्विचार के लिए मामले को सात जजों की पीठ के पास भेजा जाए।

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने पीठ के सामने दलील दी कि नबाम रेबिया मामले में निर्धारित कानून पर फिर से विचार करने की जरूरत है। सिब्बल ने कहा, ‘हमारे लिए नबाम रेबिया और 10वीं अनुसूची पर फिर से विचार करने का समय है क्योंकि इससे बहुत नुकसान हुआ है।’ पीठ ने कहा कि अगर रेबिया जजमेंट सही है तो खुद को हटाए जाने की अर्जी लंबित होने की स्थिति में दलबदल कानून के तहत वह विधायकों की अयोग्यता याचिकाओं पर फैसला नहीं ले सकते हैं। इसका परिणाम एक पार्टी से दूसरे में ह्यूमन कैपिटल के मुक्त प्रवाह की इजाजत देता है। दूसरी तरफ, अगर खुद को हटाए जाने की याचिका के बाद भी स्पीकर को रोका नहीं जाता है तो वह विरोधी विधायकों को अयोग्य ठहरा सकते हैं। इसका मतलब यह होगा कि कोई नेता संवैधानिक पद पर बना रहेगा भले ही उसकी अपनी पार्टी का बहुमत उसके साथ न हो।

कोर्ट ने कहा कि सवाल ये है कि क्या नबाम रेबिया फैसले में गैप को पांच जजों की बेंच भर सकती है या हमें इसे सात जजों की बेंच के पास भेजना चाहिए। आज भी यह सुनवाई जारी रह सकती है। उद्धव ठाकरे गुट ने मामले को शीर्ष अदालत की सात जजों की पीठ के पास भेजने की बात कही है।

सिब्बल ने कहा कि 10वीं अनुसूची को राजनीतिक नैतिकता के उद्देश्य की पूर्ति करने वाला माना जाता था, लेकिन यह इसे उलट रहा है। 10वीं अनुसूची अपने राजनीतिक दल से निर्वाचित और नामित सदस्यों के दलबदल को रोकती है। इसमें दलबदल के खिलाफ कड़े प्रावधान शामिल हैं। सिब्बल ने दावा किया कि शिंदे गुट ने गैरकानूनी तरीके से एक विधानसभा अध्यक्ष को नियुक्त किया जो ठाकरे गुट के खिलाफ पूरी तरह से पक्षपाती हैं।

नबाम-रेबिया मामला क्या था
2016 में सुप्रीम कोर्ट ने अरुणाचल प्रदेश के बर्खास्त सीएम नबाम तुकी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार को बहाल करने का आदेश दिया था। SC ने गुवाहाटी हाईकोर्ट के उस फैसले पर मुहर लगाई थी, जिसमें अदालत ने कांग्रेस के बागी 14 विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने पर रोक लगा दी थी। SC ने राज्यपाल के उस फैसले को गलत ठहराया था, जिसमें उन्होंने विधानसभा सत्र को जनवरी 2016 की जगह दिसंबर 2015 में ही बुलाने का फैसला किया था। तब विधानसभा अध्यक्ष रेबिया भी सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए थे।

Latest articles

छत्तीसगढ़ की बेटी संजू देवी को 50 लाख की प्रोत्साहन राशि, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किया सम्मानित

रायपुर। भारत को कबड्डी विश्वकप और एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक दिलाने वाली छत्तीसगढ़...

राजस्थान की बेटियां हर क्षेत्र में बना रही हैं अपनी विशिष्ट पहचान : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश की छात्राओं के साथ वर्चुअल संवाद के माध्यम...

77वें राजस्थान पुलिस स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने की शिरकत

जयपुर। राजस्थान पुलिस के 77वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह...

सीएम भगवंत मान ने 8वीं की मेरिट धारक छात्राओं को किया सम्मानित, मुनीम की बेटी ने किया प्रदेश टॉप

चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार को चंडीगढ़ में आयोजित एक...

More like this

54 वोट से गिरा महिला आरक्षण से जुड़ा बिल: पास होने के लिए चाहिए थे 352, मिले 298

मोदी सरकार बिल पास कराने में पहली बार नाकाम नई दिल्ली। महिला आरक्षण बिल से...

गेल (इंडिया) ने उप्र और महाराष्ट्र में लगाएगी 700 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता का सोलर प्लांट

नई दिल्ली। गेल (इंडिया) लिमिटेड ने उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में 700 मेगावाट सौर...

आशा भोसले पंचतत्व में विलीन, अंतिम विदाई देने पहुंचे आमिर-विक्की समेत कई सेलेब

मुंबई। दिग्गज गायिका आशा भोसले का रविवार 12 अप्रैल को 92 वर्ष की आयु...