नई दिल्ली
मुसीबत में फंसे अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी को एक और तगड़ा झटका लगा है। सीके बिड़ला ग्रुप की कंपनी ओरियंट सीमेंट ने अडानी पावर महाराष्ट्र के साथ डील खत्म कर दी है। उसका कहना है कि अडानी ग्रुप इस डील के लिए जरूरी क्लीयरेंस हासिल करने में नाकाम रहा। ओरियंट सीमेंट ने सितंबर 2021 में अडानी ग्रुप के साथ एक एमओयू की घोषणा की थी। कंपनी ने शेयर मार्केट को बताया कि अडानी पावर ने इस डील को आगे नहीं बढ़ाने का अनुरोध किया है। 24 जनवरी को Hindenburg Research की रिपोर्ट आने के बाद अडानी ग्रुप के लिए यह तीसरा बड़ा झटका है। पहले उसने डीबी पावर को खरीदने की डील पूरी नहीं की और फिर पीटीसी इंडिया के लिए बोली लगाने से पीछे हट गया।
दोनों कंपनियों ने महाराष्ट्र के तिरोदा में एक सीमेंट ग्राइंडिंग यूनिट लगाने के लिए सितंबर 2021 में एक एमओयू पर साइन किए थे। इसके लिए ओरियंट सीमेंट ने 35 एकड़ जमीन भी देख ली थी। लेकिन ओरियंट सीमेंट का कहना है कि अडानी पावर इसके प्लांट के लिए एमआईडीसी से जरूरी क्लीयरेंस लेने में नाकाम रही। साथ ही इस एमओयू की टाइमलाइन भी अब बीत चुकी है। बुधवार को अडानी पावर का शेयर पांच फीसदी गिरावट के साथ 162.45 रुपये पर बंद हुआ जबकि ओरियंट सीमेंट का शेयर दो फीसदी गिरावट के साथ 117.35 रुपये पर बंद हुआ।
ग्रुप ने बदली रणनीति
Hindenburg Research की रिपोर्ट ने अडानी ग्रुप को बुरी तरह झकझोर कर रख दिया है। इसके कारण गौतम अडानी की अगुवाई वाले ग्रुप के मार्केट कैप में 142 अरब डॉलर की गिरावट आई है। यही कारण है कि ग्रुप ने अब आक्रामक तरीके से विस्तार की योजनाओं को भी ठंडे बस्ते में डालना शुरू कर दिया है। अब उसके जोर पूरी तरह कैश बचाने और कर्ज कम करने पर है। यही कारण है कि पहले उसने डीबी पावर के साथ डील को आगे नहीं बढ़ाया और फिर पीटीसी इंडिया लिमिटेड में बोली नहीं लगाने का फैसला किया।
