नई दिल्ली
अमेरिकी रिसर्च फर्म हिंडनबर्ग के कारण अडानी समूह को बड़ा झटका लगा है। निगेटिव रिपोर्ट के कारण अडानी को कितना पड़ा नुकसान हुआ, ये हम सब पिछले एक महीने से देख रहे हैं। अडानी के शेयरों में गिरावट इतनी आई कि शेयर 85 फीसदी तक गिर गए। अडानी के शेयरों में ही नहीं बल्कि गौतम अडानी के नेटवर्थ में भी बड़ी गिरावट आई। गौतम अडानी का नेटवर्थ एक महीने में 130 अरब डॉलर से गिरकर 31 अरब डॉलर पर पहुंच गया। 24 जनवरी को हिंडनबर्ग ने अडानी समूह को लेकर निगेटिव खबर जारी की। इस रिपोर्ट के कारण अडानी समूह का मार्केट कैप 140 अरब डॉलर गिर गया।
रोडशो के साथ लौटी तेजी
हिंडनबर्ग के रिपोर्ट के कारण अडानी समूह को झटका लगा। जिसके बाद कंपनी ने डैमेज कंट्रोल के लिए विदेश में रोडशो का ऐलान किया। सिंगापुर और हांगकांग में रोडशो का आयोजन किया गया। तीन दिनों तक अडानी समूह के अधिकारियों से निवेशकों से सामने अपनी स्थिति , अपने कर्ज, अपने कैश फ्लो की डिटेल साझा की। कंपनी के इस पहल का असर शेयरों पर दिखने लगा। बीचे तीन दिनों सें अडानी के शेयरों में जबरदस्त रिकवरी देखने को मिल रही है। अडानी के शेयर तेज रफ्तार से बढ़ रहे हैं। पांच शेयरों में तो अपर सर्किट भी लगा है। अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड, अडानी पावर लिमिटेड , अडानी विल्मर लिमिटेड , अडानी ट्रांसमिशन लिमिटेड में आज अपर सर्किट लगा। वहीं अडानी के 10 के 10 शेयर हरे निशान के साथ बंद हुए।
गौतम अडानी की दौलत बढ़ी
शेयरों में तेजी का असर गौतम अडानी के नेटवर्थ पर देखने को मिला है। बीते दो दिनों से फोर्ब्स रियल टाइम बिलेनियर इंडेक्स पर गौतम अडानी टॉप गेनर बन रहे है। एक दिन में सबसे ज्यादा संपत्ति कमाने वालों में गौतम अडानी सबसे ऊपर चल रहे हैं। गौतम अडानी के नेटवर्थ पर नजर डाले तो तीन दिनों के भीतर अडानी की दौलत में 9 अरब डॉलर के करीब बढ़ चुकी है। सिर्फ आज उनकी संपत्ति में 4.1 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई है। तीन दिनों में उनकी दौलत 31 अरब डॉलर से बढ़कर 39.3 अरब डॉलर पर पहुंच गई है। फोर्ब्स बिलेनियर इंडेक्स में गौतम अडानी टॉप 30 में वापसी कर चुके हैं। वर्तमान में उनकी रैकिंग 27वीं है।
वापसी के लिए लंबी लड़ाई
गौतम अडानी की दौलत बढ़ रही है, शेयरों में तेजी लौट रही है, लेकिन अभी उनके लिए दिल्ली दूर है। हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के कारण उन्हें जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई करने में उन्हें काफी वक्त लगेगा। इस हमले ने अडानी को 2 साल पीछे कर दिया है। इस रिपोर्ट के आने से पहले तक गौतम अडानी की दौलत 130 अरब डॉलर थी। यानी अभी इस मुकाम को वापस पाने के लिए उन्हें 91 अरब डॉलर की दौलत और जोड़नी होगी। कंपनी के मार्केट कैप को पूर्व स्थिति में लाने के लिए 400 गुना की छलांग लगानी पड़ेगी। यानी दौलत के मामले में भले ही गौतम अडानी बढ़ रहे है, लेकिन पहले के मुकाम पर पहुंचने के लिए उन्हें अभी काफी जोर लगाना होगा। बता दें कि साल 2022 में गौतम अडानी 150 अरब डॉलर के साथ दुनिया के तीसरे सबसे अमीर उद्योगपति बन गए थे।
