– मामला भेल के सोनागिरी राज्य बीमा चिकित्सालय को सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल बनाना
भोपाल
भारतीय मजदूर संघ के संस्थापक मजदूर हितेशी दत्तोपंत ठेंगड़ी का सपना था कि मध्यप्रदेश के इंदौर के बाद दूसरा सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल राजधानी भोपाल में शुरू हो इसके लिये उनकी पहल रंग भी लाई लेकिन अफसर शाही के चलते उनका यह सपना पूरा नहीं हो सका आज भी केन्द्र सरकार की हरी झंडी के बाद मप्र का श्रम विभाग इस अस्पताल को केन्द्र सरकार को सौंपने में आना-कानी कर रहा है । यही कारण है कि करीब ढ़ाई लाख से ज्यादा मजदूर सही स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं।
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय भारत सरकार के कर्मचारी राज्य बीमा निगम में सोनागिरी के बीमा अस्पताल को 6 जून 2022 को ही सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल बनाने के लिये अप्रुवल दे चुका था । 100 बिस्तरों वाले इस अस्पताल में लगातार न तो स्पेशलिस्ट डॉक्टर दिखाई देते है और न ही बेहतर ईलाज के लिये अत्याधुनिक मशीने साफ सफाई का तो दूर-दूर तक पता नहीं है 1965 में बने इस अस्पताल को अत्याधुनिक बनाने के लिये पहले राज्य सरकार फिर केन्द्र सरकार ने अप्रुवल दिया ।
खास बात यह है कि इस अस्पताल के बन जाने से जहां मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा वहां राज्य सरकार ने करीब 80 से 85 करोड़ बचेगा । आज स्थिति यह है कि जहां श्रम एवं रोजगार मंत्रालय भारत सरकार के कर्मचारी राज्य बीमा निगम खर्च के लिये करीब तीन सौ करोड़ दे रहा है उसका आधा भी इन अस्पतालों पर खर्च नहीं कर पा रहा है श्रमिक वर्ग को बेहतर स्वास्थ्य सुविधायें भी नहीं मिल पा रही है ।
यही कारण है कि इंदौर के बाद मप्र में दूसरा सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल भोपाल में शुरू हो जाये तो श्रमिकों को काफी लाभ मिलेगा। इसके लिये क्षेत्रिय विधायक श्रीमती कृष्णा गौर ने भी मुख्यमंत्री और श्रम मंत्री को पत्र लिखकर इस अस्पताल को केन्द्र सरकार के हवाले करने की मांग की थी । लेकिन अफसर शाही के चलते यह काम आज भी पूरा नहीं हो सका । जानकारों का कहना है कि इसके शुरू होने से भोपाल और मंडीदीप के करीब 14 लाख श्रमिक परिवारों को लाभ मिलेगा ।
यही नहीं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और कमलनाथ ने भी इस मामले को कई उठाया लेकिन उनके कार्यकाल में भी यह काम पूरा नहीं हो सका । स्व. ढेगड़ी के जन्मदिन पर इस अस्पताल का हस्तांतरण होना था। श्रम एंव रोजगार मंत्री भारत सरकार एवं श्रम मंत्री मप्र शासन के अनुमोदन उपरांत भी सोनागिरी अस्पताल कर्मचारी राज्य बीमा निगम को अभी तक हस्तातंरित नहीं किया गया है ।
सोनागिरी अस्पताल गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र से संबंधित है एंव जनहित का कार्य है । उक्त ममाले को श्रमिक हित में गंभीरता से लिया जाना जरूरी है ताकि भोपाल एवं मंडीदीप औद्योगिक क्षेत्र तथा गैर औद्योगिक क्षेत्र के 2.75 लाख बीमितों तथा उनके पारिवारिक सदस्यों की अनुमानित संख्या 14 लाख सदस्यों को कर्मचारी राज्य बीमा निगम द्वारा प्रदत्त सभी चिकित्सा सुविधांए प्राप्त हो सकें।
मेरे विधान सभा क्षेत्र में राज्य बीमा चिकित्सालय को सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल का दर्जा मिलना है लेकिन कतिपय अफसरों की मनमानी के चलते लंबे समय से इसे केन्द्र सरकार के हैंड ओवर नहीं किया जा रहा है । इस संबंध में मुख्यमंत्री और श्रम मंत्री से अनुरोध है कि गरीब श्रमिकों के हित में इस अस्पताल को जल्द ही केन्द्र सरकार के हैंड ओवर किया जाये ताकि ढ़ाई लाख श्रमिकों के परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधायें मिल सके।
श्रीमती कृष्णा गौर
विधायक गोविंदपुरा विधान सभा क्षेत्र
