भोपाल
बीएचईएल महारत्न कंपनी के एक उप महाप्रबंधक स्तर के अधिकारी के तबादले के बाद भोपाल में न आना अटकलों के बाजार गर्म कर रहा है । भोपाल से इनका तबादला रानीपेठ यूनिट में किया गया था। बड़े साहब के खास होने के कारण यह जब तक रानीपेठ यूनिट में रहे खुद को बड़े साहब समझने लगे । हालत यह हो गई कि बड़े साहब की आड़ में उन्होंने कई तरह के कामों को गलत तरीके से कर डाला नतीजा यह रहा कि उनकी शिकायत दिल्ली दरबार तक पहुंच ही गई । इसके चलते बड़े साहब भी इन्हें बचा नहीं पाये और सीधे भोपाल तबादला कर दिया गया जबकि भेजना किसी और यूनिट में था लेकिन पहुंच गये अपनी मन पसंद की यूनिट में इसे कहते हैं दबदबा ।
बड़ी बात यह है कि उनका भोपाल तबादला हुये लंबा समय हो गया लेकिन मार्च का खेल निपटाने के चक्कर में यह साहब आज तक भोपाल यूनिट में आमद नहीं दे पाये । खबर तो यह भी है कि वह रानीपेठ में बैठकर भोपाल यूनिट में मनचाहा विभाग पाने की जुगाड़ लगा रहे हैं। साफ जाहिर है कि उनके पास बड़े-बड़े सप्लायरों की टीम जो है । अब देखना यह है कि बीएचईएल भोपाल के मुखिया उन्हें उनका मन पसंद विभाग देते हैं या लूप लाईन में डालते हैं।
