13.6 C
London
Thursday, May 7, 2026
Homeराज्य'नया संसद भवन बनाने में विपक्ष को भरोसे में क्यों नहीं लिया?'...

‘नया संसद भवन बनाने में विपक्ष को भरोसे में क्यों नहीं लिया?’ शरद पवार का मोदी सरकार से सवाल

Published on

मुंबई,

नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. संसद भवन के उद्घाटन समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को नहीं बुलाए जाने से विपक्षी दल मोदी सरकार के खिलाफ लगातार हमलावर हैं. कुछ विपक्षी दल ने उद्घाटन समारोह में शामिल नहीं होने का फैसला किया है. इस बीच, शनिवार को एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने मोदी सरकार पर संसद भवन निर्माण के दौरान भरोसे में नहीं लेने का आरोप लगाया है.

उन्होंने कहा, मैं कई वर्षों से सांसद रहा हूं. हम अखबार में पढ़ते हैं कि एक नया संसद भवन बनाया जाएगा. इतना महत्वपूर्ण निर्णय लेते समय संसद सदस्यों को भरोसे में लेने की जरूरत थी.

‘भूमिपूजन में भी आमंत्रित क्यों नहीं किया?’

पवार ने कहा कि भूमिपूजन के दौरान भी किसी को आमंत्रित नहीं किया गया. अब संसद भवन बनकर तैयार है. विपक्ष को भरोसे में लेना चाहिए था. इसलिए हम कुछ दलों के बहिष्कार करने के फैसले को स्वीकार करते हैं.

कहा जा रहा है कि विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने दोनों गुटों के बजाय चुनाव आयोग से शिवसेना पार्टी के गठन की मांग की है. इस बारे में पूछे जाने पर शरद पवार ने कहा, इसका मतलब है कि निर्णय लेने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. वहीं, देश के 4 राज्यों में समान नागरिक संहिता कानून लागू किए जाने पर की चर्चा पर पवार ने कहा, यह गलत है. इस खबर में कोई सच्चाई नजर नहीं आ रही है. ऐसा कुछ नहीं हुआ.

नए संसद भवन का पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन
बता दें कि देश के नए संसद भवन का 28 मई को उद्घाटन होगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस भवन का उद्घाटन करेंगे लेकिन अब इस खूबसूरत बिल्डिंग को लेकर देश में सियासत छिड़ गई है. वे पीएम मोदी की आलोचना कर रहे हैं. एनसीपी और कांग्रेस समेत 21 विपक्षी दलों ने उद्घाटन समारोह का बहिष्कार करने का ऐलान कर दिया है. इस सियासी ड्रामे के बाद एनसीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार ने पहली बार अपनी स्थिति स्पष्ट की है.

संसद की नई बिल्डिंग से जुड़ा हालिया विवाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ट्वीट के बाद शुरू हुआ, जिसमें कहा गया कि इस बिल्डिंग का उद्घाटन पीएम नहीं बल्कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को करना चाहिए. यह ट्वीट राहुल ने 21 मई को किया था.

28 मई की तारीख पर भी उठाए सवाल
कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने उद्घाटन की तारीख पर भी सवाल उठाए हैं. दरअसल, 28 मई को वीर सावरकर की जयंती है. उनका जन्म 28 मई 1883 को हुआ था. इस साल 28 मई को उनकी 140वीं जयंती मनाई जाएगी. अब यह देखने वाली बात होगी कि क्या यह महज संयोग है कि नए संसद भवन का उद्घाटन वीर सावरकर की जयंती पर हो रहा है या फिर यह सुनियोजित है.

– कांग्रेस का कहना है कि 28 मई को हिंदुत्व विचारक विनायक दामोदर सावरकर की जयंती है, इसी दिन नए संसद भवन का उद्घाटन करना राष्ट्र निर्माताओं का अपमान है. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ट्वीट किया,‘हमारे सभी राष्ट्र निर्माताओं का अपमान. गांधी, नेहरू, पटेल, बोस आदि को पूरी तरह से खारिज कर दिया गया है. डॉक्टर आंबेडकर का भी तिरस्कार है.’

 

Latest articles

भोपाल में नकली नोट सप्लाई करने वाला डॉक्टर गिरफ्तार, पाकिस्तानी कागज़ पर छपे, UK-सीरीज़ के फ़ोन नंबर का इस्तेमाल किया

भोपाल। भोपाल की कोहेफ़िज़ा पुलिस ने पश्चिम बंगाल के एक युवक को गिरफ्तार किया...

किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस का चक्काजाम, ग्वालियर-मुरैना में कई कांग्रेसी गिरफ्तार

भिंड के कांग्रेस नेता और आरक्षक में झड़प, शाजापुर में ट्रैक्टर को लेकर पुलिस-कार्यकर्ताओं...

सेहत के लिए वरदान है कच्ची हल्दी, रोज़ाना सेवन से कैंसर सहित कई बीमारियों का खतरा हो सकता है कम

Turmeric benefits: कच्ची हल्दी स्वास्थ्य के लिए वरदान की तरह माना गया है। कच्ची...

More like this

विक्रमशिला सेतु का 34 मीटर हिस्सा गंगा नदी में गिरा, 16 जिलों का आवागमन प्रभावित

भागलपुर। बिहार के भागलपुर में स्थित 4.7 किलोमीटर लंबे विक्रमशिला सेतु का एक बड़ा...

सीसी रोड की खराब गुणवत्ता पर सख्त हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बेमेतरा जिले के नगर पंचायत दाढ़ी...

15 जून तक पूरे हों मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जल स्वावलंबन अभियान के कार्य, पौधारोपण की तैयारी के निर्देश

जयपुर। मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 एवं जल संचय जन भागीदारी 2.0 की समीक्षा...