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Saturday, March 7, 2026
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चीन बना रहा अपना ‘नाटो’, नेपाल पर GSI में शामिल होने का दबाव, भारत के लिए खतरे की घंटी

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काठमांडू

भारत के पड़ोस में चीनी ड्रैगन ने एक बार फिर से खतरे की घंटी बजा दी है। चीन ने फिर से नेपाल पर दबाव डाला है कि वह राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग के ग्‍लोबल सिक्‍यॉरिटी इनिशिएटिव (GSI) और ग्‍लोबल सिविलाइजेशन इनिशिएटिव (GCI) में शामिल हो। चीन का दावा है कि जीसीआई पहल को चीन सरकार ने मानवता के साथ मिलकर सभ्‍यता के मूल्‍यों को समृद्ध करने के लिए है। दरअसल, चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग ने पिछले एक दशक में बेल्‍ट एंड रोड, ग्‍लोबल डिवलपमेंट इनिशिएटिव, जीएसआई और अभी हाल ही में जीसीआई को शुरू किया है। जिनपिंग ने वैश्विक समुदाय से अपील की है कि वह इसमें शामिल हो। वहीं इन सभी को लेकर विशेषज्ञ गंभीर सवाल उठाते रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका ने चीन को घेरने के लिए एशियाई नाटो कहे जाने वाले ‘क्‍वॉड’ का गठन किया है। इसमें भारत, जापान और ऑस्‍ट्रेलिया भी शामिल है। अब क्‍वॉड से घबराए चीन के राष्‍ट्रपति ने ग्‍लोबल सिक्‍यॉरिटी इनिशिएटिव शुरू किया है जो चीन का नाटो कहा जा रहा है। चीन चाहता है कि नेपाल भी इसमें शामिल हो। नेपाल ने अभी तक इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। नेपाल और चीन के बीच साल 2017 में बीआरआई समझौता हुआ था जो दुनिया में अब कर्ज का बहुत बड़ा जाल बन गया है। पाकिस्‍तान जैसे कई देश बीआरआई लोन में फंसकर डिफॉल्‍ट होने की कगार पर पहुंच गए हैं।

काठमांडू पोस्‍ट की रिपोर्ट के मुताबिक नेपाल ने बीआरआई पर भले ही हस्‍ताक्षर किया हो लेकिन अभी तक उसने समझदारी दिखाते हुए एक भी प्रॉजेक्‍ट पर न तो बात की है और न ही उसे लागू किया है। हालांकि नेपाल ने जीडीआई के जरिए समर्थन लेने के प्रति प्रतिबद्धता जताई है। यही नहीं इसी के तहत चीन ने नेपाल में दो प्रॉजेक्‍ट पहले ही शुरू कर दिया है। चीन की संसद नेशनल पीपुल्‍स कांग्रेस के स्‍टैंडिंग कमिटी के चेयरमैन झाओ लेजी ने बीजिंग में जीडीआई को समर्थन देने के लिए नेपाल को धन्‍यवाद दिया।

झाओ लेजी ने दावा किया कि जीएसआई और जीसीआई में शामिल होने से क्षेत्र तथा दुनिया में शांति, स्थिरता और समृद्धि आएगी। उन्‍होंने नेपाली संसद के अध्‍यक्ष गणेश प्रसाद से मुलाकात के बाद यह बयान दिया। गणेश इस समय चीन के दौरे पर हैं। चीन ने बार-बार नेपाल से कहा है कि वह जीएसआई में शामिल हो लेकिन काठमांडू इससे परहेज कर रहा है। नेपाल ने साफ कह दिया है कि उसकी विदेश नीति किसी भी सुरक्षा या सैन्‍य गठबंधन में शामिल होने से रोकती है। नेपाल मानता है कि जीएसआई एक सैन्‍य गठबंधन है। एक नेपाली राजनयिक ने बताया कि हमने चीन को पहले अपना पक्ष साफ तौर पर बता दिया है।

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