भोपाल
ईपीएस 95 पेंशनर्स संघ का रविवार को हायर पेेंशन एक्शन कमेटी की बैठक हुई जिसमें देश के कई राज्य उड़ीसा, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश, प. बंगाल, उत्तरप्रदेश, गोवा और कर्नाटक आदि से प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक के दौरान मौजूद प्रनिनिधियों में केंद्र सरकार के खिलाफ नाराजगी साफ दिखाई दी। उन्होंने केंद्र सरकार के विरोध में रोष जताया।
देशभर से ईपीएस 95 के पदाधिकारी शामिल हुए तथा सरकार के पेंशन विरोधी रवैये को लेकर आक्रोश व्यक्त किया, साथ ही कोशियारी कमेटी की अनुशंसा को लागू कराने को लेकर विमर्श किया गया। संघ ने मीनिमम पेंशन 1000 से 9000 तक कराने को लेकर भी सरकार से मांग की। देशभर से आए संघ के पदाधिकारियों ने अपने संबोधन में कहा कि इस महंगाई के दौर में सरकार की तरफ से दी जाने वाली 1000 पेंशन में कैसे गुजारा हो सकता है। मिनीमम पेंशन कम से कम 9000 होनी चाहिए।
संघ का कहना यह था कि सरकार ने हमारी मांगों को अनदेखा कर रखा है जिसका खामियाजा केंद्र सरकार को लोकसभा चुनाव में भरना पड़ सकता है। संघ के पदाधिकारियों ने कड़ा रूख इख्तियार करने की चेतावनी देते हुए कहा कि हमारी उचित मांगों को अगर सरकार नहीं मानती है तो आगामी दो माह में सरकार के रूख के खिलाफ कड़ा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। गौरतलब है कि देशभर में 29 करोड़ लोग ईपीएस पेंशन से जुड़े है और प्रदेश में 4 लाख पेंशनर्स है। बैठक में राष्टीय अध्यक्ष प्रकाश जी, कार्यवाहक अध्यक्ष भीमराव डोंगरे, महामंत्री प्रकाश नारायण पांडे, मप्र इकाई के उपाध्यक्ष जेपी गौड़, महेश मालवीय के अलावा देशभर से आए करीब 200 पेंशनर्स मौजूद थे।
