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आदिपुरुष पर बवाल के बीच राइटर मनोज मुंतशिर ने मुंबई पुलिस से मांगी सुरक्षा

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मुंबई,

आदिपुरुष फिल्म पर बवाल जारी है. आदिपुरुष में दिखाए गए संवादों को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. इसी बीच फिल्म के राइटर मनोज मुंतशिर ने मुंबई पुलिस से सुरक्षा मांगी है. बताया जा रहा है कि मनोज मुंतशिर ने बवाल के बीच खुद को खतरे की आशंका जताई है. मुंबई पुलिस मुंतशिर की अर्जी पर विचार करने के बाद सुरक्षा मुहैया करवाने पर फैसला लेगी.

दरअसल, प्रभास, कृति सेनन और सैफ अली खान स्टारर फिल्म आदिपुरुष शुक्रवार यानी 16 जून को रिलीज हुई थी. फिल्म इन दिनों हर तरफ चर्चा में है. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर धमाल तो मचा रही है. लेकिन आदिपुरुष में दिखाए गए संवादों को लेकर देशभर में इसका विरोध भी हो रहा है. फिल्म पर बैन लगाने की भी मांग उठ रही है. रामायण पर बेस्ड इस फिल्म के डायरेक्टर ओम राउत हैं.

फिल्म को बैन करने की हो रही मांग
आदिपुरुष फिल्म का देशभर में विरोध हो रहा है. फिल्म निर्माताओं पर हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लग रहा है. संत समाज भी खुलकर फिल्म के विरोध में आ गया है और बैन लगाने की मांग कर रहा है. इतना ही नहीं बीजेपी समेत तमाम राजनीतिक दलों के नेता भी फिल्म का विरोध कर रहे हैं और इस पर बैन लगाने की मांग कर रहे हैं. इस पर केंद्र सरकार की ओर से भी सख्त टिप्पणी सामने आई है. केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि किसी को भावनाओं को ठेस पहुंचाने की इजाजत नहीं है.

डायलॉग बदलने को तैयार हुए निर्माता
आदिपुरुष फिल्म के डायलॉग्स को लेकर सोशल मीडिया पर काफी विरोध देखने के बाद मेकर्स ने इन्हें बदलने का फैसला किया है. फिल्म के राइटर मनोज मुंतशिर ने आजतक से बातचीत में विवाद पर अपना पक्ष रखा. मनोज मुंतशिर ने कहा, ‘फिल्म का लक्ष्य सनातन की कथा को, भगवान श्रीराम की जो एपिक स्टोरी है, ये बच्चों तक पहुंचाना है. ये फिल्म वही कर रही है, जो इसे करना था. बच्चे अपने असली नायकों को जानें. हम ऐसे दौर में हैं जहां एक्सपोजर बहुत ज्यादा है. बच्चों के दिलों-दिमाग पर हॉलीवुड के कैरेटर रूल करते रहते हैं. बच्चे हल्क और सुपरमैन को जानते हैं लेकिन हनुमान और अंगद को नहीं जानते. हमारी कोशिश थी कि जो हमारे किरदार हैं, वो बच्चों तक भी पहुंचें. जो युवा वर्ग है वो भी इस फिल्म को देखें.’

डायलॉग्स में होगा बदलाव
मनोज मुंतशिर ने कहा, उन्होंने फिल्म के डायलॉग को इस अंदाज में इसलिए लिखा था ताकि बच्चे इससे कनेक्ट कर पाएं, समझ पाएं. मनोज ने कहा, ‘फिल्म में सिर्फ 5 डायलॉग हैं. एक फिल्म 4000 हजार डायलॉग से मिलकर बनती है. अगर 5 डायलॉग को पसंद नहीं किया गया तो 3995 डायलॉग को पसंद भी किया गया है. 4000 में से 5 बदलने से कुछ नहीं होगा. जो आपत्तिजनक शब्द हैं, जिनसे जनता को दिक्कत है हम बस उन्हें बदल देंगे

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