भोपाल
भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) जैसी महारत्न कंपनी की भोपाल यूनिट में काम करने वाले करीब 700 श्रमिक वेतन को तरस गए हैं। वह भेल प्रबंधन के सामने अपनी परेशानी बताते हुए रोजाना गिड़गिड़ा रहे है फिर भी उन्हें वेतन नहीं मिल पा रहा है। मामला पिपलानी स्थित भेल सहकारिता उपभोक्ता भंडार से जुड़ा हुआ है। दरअसल इस संस्था से यहां के कर्मचारियों को काफी उम्मीद थी लेकिन संस्था अपने उद्देश्यों से भटक रही है।
संचालक मंडल किस तरह से संस्था पर लगातार घाटे में ले जा रहे है इसकी चर्चा पूरे भेल कारखाने में हैं। ऐसे में 700 कर्मचारी और सोसायटी वर्करों को समय पर वेतन नहीं मिल पाना किसी के गले नहीं उतर रहा है। इस संबंध में प्रबंधन ने सोसायटी के कर्ताधर्ताओं को वेतन भुगतान करने के लिए पत्र क्रं. बीपी/एचआर/सीएलसी/विविध/2023/257 दिनांक 14 जून 2023 संस्था को भेजा है। पत्र में लिखा है कि श्रमिकों को हर माह की 17 तारीख को वेतन मिलता है पत्र में यह भी लिखा है कि संस्था जीएसटी का भुगतान तक नहीं कर रही है।
प्रबंधन ने पत्र मेें सबसे बड़ी बात यह लिखी है कि जीएसटी रिटर्न फाइल न होने के कारण सोसायटी द्वारा लगाए गए बिलों की प्रोसेसिंग नहीं की जा सकेगी। प्रबंधन ने साफ कर दिया है कि श्रमिकों को समय पर वेतन का भुगतान नहीं किए जाने से श्रम अधिनियमों का उल्लंघन हो रहा है। एनआईटी के नियम एवं शर्तों के तहत कांट्रेक्ट बैन किए जाने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
इनका कहना –
बीएचईएल से अभी भुगतान प्राप्त नहीं हुआ है। भुगतान प्राप्त होते ही श्रमिकों को वेतन दिया जाएगा।
मनोज बुद्धिराजा , अध्यक्ष भेल सहकारी उपभोक्ता भंडार
