– बीएमएस नंबर वन यूनियन को बैठक में नहीं बुलाया , प्रबंधन की नीतियों से नाराज है बीएमएस
भोपाल
बीएचईएल टाउन एडवाइजरी कमेटी की बैठक मंगलवार को बीएचईएल के नर्मदा गेस्ट हाउस में आयोजित की गई है। इस बैठक में टाउनशिप की समस्याओं को लेकर कर्मचारी संगठन व प्रबंधन के बीच काफी बहस हुई। बड़ी बात यह है कि भेल की नंबर वन यूनियन भारतीय मजदूर संघ ने को इस बैठक में नहीं बुलाया गया। आल इंडिया भेल इम्प्लॉइज यूनियन ने भेल उद्योगनगरी में रह रहे कर्मचारियों के आवास में बिजली, पानी और सीवेज लाइन का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया।
भेल टाउनशिप एडवाइजरी कमेटी के सदस्य राजमल बैरागी का कहना है कि कर्मचारी अपने आवासों में इन समस्याओं से जूझ रहे हो दूसर और प्रबंधन मेंटेनेंस के ठेके पर ठेके दिए जा रहा है लेकिन इन आवासों में कोई काम नहीं हो रहा है। उन्होंने इन ठेकों को बंद करने की मांग की है। सिविल विभाग में अमला तो है लेेकिन उससे काम नहीं कराया जा रहा है। इसके चलते ठेकेदारों की बल्ले-बल्ले हैं। बैठक में सीटू और एचएमएस यूनियन ने भी उद्योगनगरी के कर्मचारियों से जुड़े कई मुद्दों को उठाया।
यूनियन का कहना है कि उद्योगनगरी में रह रहे कर्मचारियों को एचआरए का पचास फीसदी सेलरी में दिया जाए कारण साफ है कि यहां के क्वार्टर जर्जर हो चुके है। इसलिए समय से क्वार्टरों का समय से मेेंटेनेंस ही नहीं हो पाता है। एचएमएस यूनियन के सैंथिल कुमार ने बताया कि लाइसेंस फीस, सफाई, पानी और बिजली का बिल खत्म किया जाए। साथ ही उद्योगनगरी में बढ़ रहे अतिक्रमण को जल्द से जल्द हटाया जाए। सीवेज की समस्या विकराल होती जा रही है इसका हल प्रबंधन को निकालना चाहिए।
दूसरी और बीएमएस यूनियन के महामंत्री कमलेश नागपुरे का कहना है कि प्रबंधन ने नंबर वन यूनियन को आमंत्रण ही नहीं दिया बल्कि मीटिंग के आधे घंटे पहले दूरभाष पर बताया। उनका आरोप है कि प्रबंधन सीटू यूनियन को सीट के मामले में फायदा पहुंचा रहा है। यही कारण है कि प्रबंधन बीएमएस से नाराज है। बैठक में प्रतिनिधि यूनियन सीटू, ऐबू और एचएमएस और प्रबंधन की और से कमेटी के अध्यक्ष बीके सिंह, जीएम जीपी बघेल, जीएम प्रदीप कुमार उपाध्याय, एजीएम राजीव सरना, रामभाऊ पाटिल, आरिफ अहमद सिद्दीकी, टीयू सिंह शामिल हुए।
