नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सोमवार को मंत्रिपरिषद की बैठक हुई. इसमें पीएम ने मंत्रियों से कहा कि चुनावी साल है, इसको देखते हुए आप सब जमकर मेहनत करें. केवल आगामी लोकसभा चुनाव को न देखें बल्कि 2047 की तरफ देखते हुए काम करें. सरकार के 9 साल के कामकाज को 9 महीने बताएं. इस दौरान पीएम ने ये भी कहा कि संसद का मानसून सत्र पुराने संसद भवन में ही होगा.
पीएम मोदी ने मंत्रियों से कहा कि यही समय है, सही समय है. 2024 की तरफ न देखें. 2047 की तरफ देखते हुए काम कीजिए. अगले 25 साल में यानी 2047 तक बहुत कुछ बदल जाएगा. पढ़े-लिखे लोगों की एक नई फौज तैयार हो जाएगी. भारत हर क्षेत्र में नई टेक्नोलॉजी से लैस होगा. आप सभी को अपने-अपने मंत्रालय के कामों का जमकर प्रचार-प्रसार करना चाहिए. अपने-अपने मंत्रालय की 12 बड़ी उपलब्धियों और योजनाओं का कैलेंडर बनाना है.
बैठक को लेकर पीएम ने किया ट्वीट
इस बैठक को लेकर पीएम मोदी ने ट्वीट करके भी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि मंत्रिपरिषद के साथ सार्थक बैठक हुई. इसमें हमने विभिन्न मुद्दों पर बातचीत हुई. बैठक में विदेश सचिव ने पीएम के विदेशी दौरों पर प्रजेंटेशन दिया. इसके साथ ही सड़क और परिवहन विभाग के सचिव ने मंत्रालय के कामकाज, रक्षा सचिव ने रक्षा मंत्रालय से जुड़े मामलों पर और रेलवे सचिव ने रेलवे पर प्रेजेंटेशन दिया.
2047 में देश की स्थिति को लेकर वित्त सचिव का प्रेजेंटेशन
इन सभी मंत्रालयों ने 25 साल यानी 2047 तक भारत के विकास के रोड मैप पर प्रजेंटेशन दिया. बैठक में वित्त सचिव ने भी 2047 में भारत किस तरह से आर्थिक शक्ति बन कर उभरेगा, इस पर प्रेजेंटेशन दिया. प्रगति मैदान के नवनिर्मित कन्वेंशन सेंटर में हुई इस बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ ही सरकार के अन्य मंत्री शामिल हुए.
मंत्रिपरिषद की बैठक में, कुछ मंत्रालय आम तौर पर अपने काम के बारे में एक प्रस्तुति देते हैं, जिसमें प्रधानमंत्री अपने विचार साझा करते हैं। इस साल केंद्रीय मंत्रिपरिषद की यह दूसरी बैठक है। प्रधानमंत्री मोदी ने ऐसी ही एक बैठक जनवरी में आम बजट पेश होने से पहले की थी। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में 2024 के आगामी लोकसभा चुनावों के लिए पार्टी की रणनीति पर भी चर्चा की गई।
प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2021 में आखिरी बार अपनी मंत्रिपरिषद में फेरबदल और विस्तार किया था। इसके बाद उन्होंने कुछ एक मौकों पर कुछ मंत्रियों के विभागों में बदलाव किया था। वर्ष 2021 के मंत्रिपरिषद में फेरबदल और विस्तार के तहत मोदी ने 36 नए चेहरों को जगह दी थी, जबकि 12 तत्कालीन मंत्रियों की पद से छुट्टी कर दी थी। जिन मंत्रियों की छुट्टी की गई थी, उनमें डी वी सदानंद गौड़ा, रविशंकर प्रसाद, रमेश पोखरियाल निशंक, प्रकाश जावड़ेकर, संतोष गंगवार, बाबुल सुप्रियो, हर्षवर्धन प्रमुख थे।
इस मंत्रिपरिषद विस्तार में मोदी ने अश्विनी वैष्णव, ज्योतिरादित्य सिंधिया और भूपेंद्र यादव जैसे नेताओं को शामिल किया था, जबकि अनुराग ठाकुर, किरेन रीजीजू और मनसुख मांडविया को पदोन्नत किया था। सूत्रों का कहना है कि आगामी चुनावों के मद्देनजर इस बार के मंत्रिपरिषद विस्तार में सरकार और संगठन के बीच तालमेल बिठाने के प्रयास के तहत कुछ कैबिनेट मंत्रियों को संगठन में जगह दी सकती है और संगठन के कुछ प्रमुख चेहरों को सरकार में शामिल किया जा सकता है।
इस सिलसिले में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने कई दौर की बैठक की है। इन बैठकों में मुख्य रूप से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा और भाजपा के संगठन महामंत्री बी एल संतोष शामिल रहे हैं। इन तीनों नेताओं ने गत 28 जून को प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की थी। इन बैठकों व मुलाकातों के बाद मंत्रिपरिषद में फेरबदल की अटकलों को बल मिला है।
