9.5 C
London
Tuesday, April 28, 2026
Homeराष्ट्रीय33 नहीं अब 28 साल में बच्चे को जन्म, भारत में घट...

33 नहीं अब 28 साल में बच्चे को जन्म, भारत में घट रही मां बनने की औसत उम्र

Published on

नई दिल्ली

भारत में मां बनने की औसत उम्र घटी है। पिछले 30 वर्षों के पैटर्न को देखते हुए यह बात सामने आई है। 1992-93 में पहले राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) के आंकड़ों की (2019-21) के सर्वे के साथ तुलना से यह बात सामने आई है। 2019-21 के सर्वेक्षण में शामिल महिलाओं में 11% महिलाएं ऐसी थीं जिन्होंने 40 से 49 साल की उम्र में आखिरी बच्चे को जन्म दिया। वहीं 30 साल पहले ऐसी महिलाओं की संख्या 23 प्रतिशत के करीब थी। यानी इसमें गिरावट दर्ज की गई है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे से पता चलता है कि जहां 1992-93 में सर्वेक्षण में शामिल 35% महिलाओं ने 30 साल की उम्र में आखिरी बच्चे को जन्म दिया। वहीं 2019-21 इस आयु वर्ग की महिलाओं की संख्या बढ़कर 64 फीसदी हो गई। यानी 30 साल की उम्र में ही आखिरी बच्चे को जन्म दिया। इसी अवधि में जन्म के समय औसत आयु में 5 वर्ष की गिरावट आई है, जो 33 वर्ष से घटकर 28 वर्ष हो गई है।

इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर पॉपुलेशन स्टडीज (IIPS) के शोधकर्ताओं की ओर से की गई स्टडी के मुताबिक 40 साल की उम्र में आखिरी बच्चे को जन्म देने वाली महिलाओं की संख्या में कमी आई है। स्टडी में इस बात का जिक्र है कि शादी के तुरंत बाद बच्चा पैदा करने का दबाव परिवारवालों की ओर से रहता है। वहीं अशिक्षित महिलाओं में गर्भनिरोधक उपायों की जानकारी और फैमिली प्लानिंग जैसे विषयों को न जानने की वजह से भी कम उम्र में प्रेगनेंसी के मामले बढ़ जाते हैं।

एनएफएचएस-III (2004-05) के सर्वे के दौरान अंतिम बच्चे के जन्म के समय औसत आयु तमिलनाडु में 26 वर्ष से लेकर मेघालय में 33 वर्ष तक थी, लेकिन अगले दो सर्वेक्षणों में, आंध्र प्रदेश में सबसे कम (लगभग 25) और मेघालय में (30 से अधिक) थी। स्टडी में यह बात भी सामने आई है कि आखिरी बच्चे की मां बनने वाली महिलाओं की शादी 15 साल पहले हुई थी।

पहले के आंकड़ों से पता चलता है कि 1970 के दशक के दौरान बच्चे के पहले जन्म के समय मां की उम्र कम थी। इनमें अधिकांश महिलाएं कम उम्र में ही मां बनीं। साथ ही 39 से 42 वर्ष के बीच ऐसी महिलाओं की संख्या अधिक थी जिन्होंने आखिरी बच्चे को जन्म दिया। इसका नतीजा था कि देश में तेजी से प्रजनन दर में वृद्धि हुई थी। हालांकि, हाल के वर्षों में, अधिकांश देशों में बच्चे को जन्म देने वाली युवा महिलाओं की संख्या में कमी देखी गई है। ऐसा महिलाओं में शैक्षिक स्तर बढ़ने और परिवार नियोजन के तरीकों में बदलाव के कारण हुआ है।

Latest articles

विधानसभा में 33% महिला आरक्षण का संकल्प पारित: CM बोले-कांग्रेस ने बहनों की क्षमता-आकांक्षाओं की पीठ में खंजर घोंपा

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के विशेष एक दिवसीय सत्र में सोमवार को ‘नारी शक्ति वंदन’...

मनरेगा ई-केवाईसी में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल: 97.11% लक्ष्य पूरा कर रचा इतिहास, बड़े राज्यों को भी पछाड़ा

  रायपुर। छत्तीसगढ़ ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के क्रियान्वयन में...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से की शिष्टाचार भेंट, विकास और जनहित के मुद्दों पर हुई चर्चा

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने बेंगलुरु प्रवास के दौरान कर्नाटक के...

More like this

बंगाल चुनाव में ‘बंपर वोटिंग’, आज़ादी के बाद बना नया रिकॉर्ड, पहले चरण में 93% मतदान

तमिलनाडु के इतिहास में अब तक की सबसे ज़्यादा 85% वोटिंग कोलकाता। पश्चिम बंगाल और...

पहलगाम हमले की बरसी: PM मोदी ने जान गंवाने वाले निर्दोषों को याद किया, कहा- आतंक के आगे भारत कभी नहीं झुकेगा

नई दिल्ली। पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भावुक...

महिला आरक्षण बिल पास नहीं हुआ, PM बोले- माफी मांगता हूं

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राष्ट्र को संबोधित किया। इस दौरान पीएम...