हिंगोली,
टमाटर की कीमतों के बाद जीरा की कीमतों में रिकॉर्ड स्तर की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी. जीरा अब 60 हजारी बन चुका है. जीरा के बाद अब हल्दी की कीमतों में भारी इजाफा दर्ज किया जा रहा है. पिछले कई सालों से हल्दी के भाव में आ रही गिरावट के कारण हल्दी उत्पादक किसान निराश थे. 10 सालों के बाद किसानों को हल्दी पर अच्छी कीमत मिल रही है. हिंगोली के कुरुंदा मार्केट में हल्दी 19 हजार रुपये प्रति क्विंटल बिक रही है.
अभी हल्दी के भाव में और होगा इजाफा
हल्दी के अच्छे दाम मिलने के कारण किसान काफी खुश नजर आ रहे हैं. अगर व्यापारियों की मानें तो हल्दी के भाव में और बढ़त देखने को मिल सकती है. ऐसे में किसानों को अपनी उपज धीरे-धीरे बेचना चाहिए. भाव बढ़ने का फायदा किसानों को मिल सकता है.
19 हजार रुपये क्विंटल हुआ हल्दी का रेट
कुरुंदा गांव के रहने वाले किसान सदाशिव गवली ने पिछले साल 10 एकड़ में हल्दी कि फसल लगाई थी. इस साल उनको 19 हजार रुपये प्रति क्विंटल का भाव मिला. उन्होंने कुरुंदा कि मंडी में 21 क्विंटल हल्दी बेची. कुल मिलाकर उन्हें 3 लाख 79 लाख रुपये की आमदनी हासिल हुई.
हाल ही में जीरे के रेट में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई थी. राजस्थान के नागौर में जीरे का रेट 64 हजार रुपये प्रति क्विंटल पार कर गया है. ऐसे में जीरे की मांग को देखते हुए विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इसका भाव 70 हजार रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच जाए तो भी हैरानी नहीं होनी चाहिए.
जीरे के साथ ईसबगोल और सौंफ के भाव में भी आई तेजी
जीरे के बढ़ते भाव को देखते हुए किसानों काफी खुश नजर आ रहे हैं. बड़े पैमाने पर वे अपनी उपज लेकर मंडी पहुंच रहे हैं. जीरे के साथ-साथ ईसबगोल के भाव भी इस बार 27 हजार 100 रुपये प्रति क्विंटल रहे हैं. वहीं, सौंफ भी 28 हजार प्रति क्विंटल बिक रहा है. जीरा, सौंफ और ईसबगोल की खेती करने वाले किसानों की चांदी हो गई है. बता दें कि देशभर में नागौर की मंडी मूंग और जीरे के लिए प्रसिद्ध है.
