भोपाल
हेम्टू इंटक का एक प्रतिनधि मंडल ने कस्तूरबा अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अल्पना तिवारी से मिलकर एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा है कि भेल कर्मचारी तीनों पालियों में कारखाने में 24 घन्टे उत्पादन में लगे हुए हैं ऐसी स्थिति में कर्मचारियों को आये दिन किसी भी समय उपचार की आवश्यकता पड़ती रहती है।
अस्पताल प्रबंधन द्वारा ये सूचना जारी कर कहा गया है कि नियमित कर्मचारी केवल शाम की पाली में चिकित्सक से उपचार या परामर्श ले सकते है जो कहीं न कहीं नियमित कर्मचारियों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है ।ऐसी स्थिति में नियमित कर्मचारी को केवल शाम के 2 घंटे ही परामर्श लेने का समय मिलेगा वही अगर कोई कर्मचारी शाम को दिखाने जायेगा तो उसे ब्लड जाँच एवं अन्य जांच के लिए अगले दिन सुबह कस्तूरबा अस्पताल जाना ही पड़ेगा।
इस सूचना से वर्ग संघर्ष की स्थिति भी निर्मित हो सकती है । हेम्टू इंटक यूनियन ने इस व्यवस्था का पूर्णत: विरोध किया है। ज्ञापन देने वालों में इंटक के महामंत्री गौतम मोरे, राजेश शुक्ला कोषाध्यक्ष, सीआर नामदेव, मध्य प्रदेश युथ इंटक अध्यक्ष मिथलेश तिवारी , प्रदीप मालवीय, रणजीत चन्द्रावत, फजल खान, अजीत गोंड, शामिल थे।
