नई दिल्ली
अडानी ग्रुप के बारे में अमेरिका की शॉर्ट सेलिंग कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च ने 24 जनवरी को एक रिपोर्ट जारी की थी। इसके बाद अडानी ग्रुप के शेयरों में भारी गिरावट आई थी और इसका मार्केट कैप आधा रह गया था। लेकिन उसके बाद से ग्रुप के शेयरों ने अपने लो लेवल से 138 फीसदी तक रिकवरी की है। हालांकि ये शेयर अब भी अपने पीक लेवल से बहुत दूर हैं। हिंडनबर्ग रिसर्च ने अपनी रिपोर्ट में अडानी ग्रुप पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। हालांकि ग्रुप ने इन आरोपों का खंडन किया है। ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने मंगलवार को शेयरहोल्डर्स की एजीएम में कहा कि ग्रुप की बैलेंस शीट, एसेट्स और ऑपरेटिंग फ्लो मजबूत बना हुआ है और पहले की तुलना में ज्यादा बेहतर स्थिति में है। निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए ग्रुप ने कई उपाय किए हैं।
ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (Adani Enterprises Ltd) का शेयर मंगलवार को 0.33% तेजी के साथ बंद हुआ। फरवरी में यह 1,017 रुपये तक गिर गया था लेकिन तबसे इसमें करीब 138 फीसदी तेजी आई है। अभी यह 2,416 रुपये पर है। हालांकि दिसंबर में यह 4,189.55 रुपये पर पहुंच गया था। इसी तरह अडानी ग्रीन (Adani Green) का शेयर भी अपनी लो लेवल से 119 रुपये की तेजी के साथ 974.35 रुपये पर आ चुका है। जनवरी में हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट आने से पहले यह 2,167 रुपये पर था। अडानी पोर्ट्स (Adani Ports) और अडानी पावर (Adani Power) भी अपने लो लेवल से 85 फीसदी ऊपर चढ़ चुके हैं। ग्रुप के दूसरे शेयरों में अपने लो लेवल से चार से 35 फीसदी तक तेजी आई है।
गौतम अडानी की नेटवर्थ
निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए अडानी ग्रुप ने हाल में कई कदम उठाए हैं। ग्रुप ने अपना कर्ज कम किया है। साथ ही एनआरआई राजीव जैन की कंपनी जीक्यूजी पार्टनर्स (GQG Partners) कई चरणों में अडानी ग्रुप में पैसा लगा चुकी है। मार्च तिमाही और पिछले फाइनेंशियल ईयर में ग्रुप की कंपनियों का प्रदर्शन भी अच्छा रहा है। इन कारणों से ग्रुप के शेयरों में तेजी आई है। ब्लूमबर्ग बिलिनेयर इंडेक्स के मुताबिक गौतम अडानी 60.5 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 22वें नंबर पर हैं। इस साल उनकी नेटवर्थ में 60.1 अरब डॉलर की गिरावट आई है। पिछले साल वह इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर पहुंचे थे।
