भोपाल
पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया भोपाल द्वारा राजधानी में अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त फिल्म ‘’दादा लखमी’’ का नि:शुल्क प्रदर्शन एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन रवीन्द्र भवन में रविवार शाम को आयोजित किया गया। फिल्म के विशेष प्रदर्शन के मौके पर निर्देशक और कलाकार यशपाल शर्मा ने फिल्म के विषय में दर्शकों से संवाद किया एवं वरिष्ठ पत्रकार गिरिजा शंकर ने यशपाल शर्मा से फिल्म के बारे में बात की।
इस अवसर पर पीआरएसआई भोपाल चैप्टर के अध्यक्ष एवं नेशनल काउंसिल मेंबर मनोज द्विवेदी ने सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में पीआरएसआई भोपाल चैप्टर के सचिव पंकज मिश्रा, कोषाध्यक्ष के.के शुक्ला, पीईआरएसआई के नेशनल काउंसिल सदस्य विजय बोन्द्रिया, प्रकाश साकल्ले, गीत धीर, दिनेश शुक्ल, सहित भोपाल चेप्टर के सभी सदस्य एवं सैकड़ो दर्शक उपस्थित थे।
गौरतलब है कि हरियाणवी भाषा की इस क्षेत्रीय फिल्म को राष्ट्रीय पुरस्कार सहित दर्जनों अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं। दादा लखमी यानी पंडित लखमीचंद हरियाणा- के लोक कलाकार व कवि थे। अनपढ़ होते हुए भी उन्हें वेद-पुराणों का ज्ञान था। कहा जाता है कि आजादी की लड़ाई के समय जब वे अपनी रागिनी छेड़ते थे तो लोग नेहरू जी का भाषण छोडकर दादा लखमी को सुनने चले जाते थे।
फिल्म में दिखाई 125 साल पुरानी कहानी
संवाद के दौरान निर्देशक यशपाल शर्मा ने दर्शकों को बताया कि इस फिल्म में 125 साल पुरानी कहानी को दिखाया गया है। कहानी को जीवंत करने के लिए सेटअप भी उसी तरह का बनाया गया था और कास्ट्यूम भी उसी दौर के चुने गये जिससे कि कहानी के मूल रूप को समझा जा सके। इस फिल्म को अब तक 71 इंटरनेशनल अवॉर्ड और 28 नेशनल अवॉर्ड से प्राप्त हो चुके हैं।
बच्चों ने यशपाल के साथ फिल्म देख ज़ाहिर की खुशी
दादा लख्मी फिल्म को आरुषि संस्था के 25 स्पेशल बच्चे भी देखने पहुंचे। उन बच्चों को खास यशपाल सिंह अपने साथ लेकर आए थे। बच्चों के चेहरे पर फिल्म देखने की खुशी झलक रही थी। भारी संख्या में बच्चों और बुजुर्ग फिल्म देखने पहुंचे थे। दर्शकों के साथ यशपाल शर्मा ने भी फिल्म देखी।
