इस्लामाबाद
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में भीषण बम धमाका हुआ है। इस हादसे में अब तक 40 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 150 से ज्यादा घायल बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि आतंकियों ने जमीयत-उलेमा-ए-इस्लाम-फजल (JUI-F) की बैठक को अपना निशाना बनाया और वहीं पर ये जोरदार धमाका किया गया। मौके पर पुलिस पहुंच चुकी है और घायलों को अस्पताल ले जाने का काम किया जा रहा है। पाकिस्तानी न्यूज वेबसाइट जियो न्यूज का एक कैमरेमैन भी घायल हुआ है।
खबरों की मानें तो विस्फोट सम्मेलन के अंदर हुआ और कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने क्षेत्र की घेराबंदी कर दी है। सोशल मीडिया पर ब्लास्ट के बाद के वीडियो और तस्वीरें शेयर की जा रही हैं। घायलों और मरने वालों की संख्या बढ़ भी सकती है। जेयूआईएफ के वरिष्ठ नेता हाफिज हमदुल्ला ने पाकिस्तानी न्यूज चैनल SAMAA टीवी से बात करते हुए सरकार से घायलों के लिए आपातकालीन चिकित्सा उपाय सुनिश्चित करने की अपील की है।
‘यह जिहाद नहीं, आतंकवाद है’
जेयूआईएफ के नेता ने कहा, ‘यह जिहाद नहीं है। यह सरासर आतंकवाद है।’ उन्होंने कहा, ‘यह पहला विस्फोट नहीं है जिससे जेयूआई-एफ कार्यकर्ताओं पर हमला हुआ है।’ उन्होंने बाजौर में पहले हुए कई धमाकों को लेकर सरकारी संस्थानों के रवैये पर भी सवाल उठाए। हमदुल्ला ने सरकार से विस्फोट पर ध्यान देने और घटना की न्यायिक जांच कराने की अपील की है। फिलहाल यह पता नहीं चल पाया है कि धमाका प्लांट किए गए बम से हुआ या यह एक सुसाइड ब्लास्ट था।
पाकिस्तान में बढ़ा आतंकवाद
पाकिस्तान में इस साल कई धमाके हुए हैं जिनमें से ज्यादातर सुसाइड ब्लास्ट थे। बीते कुछ धमाके शिया मस्जिद को टारगेट करते हुए किए गए थे। काबुल में तालिबान राज आने के बाद से पाकिस्तान में टीटीपी जैसे आतंकवादी संगठन एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं। यही कारण है कि पाकिस्तान में आतंकी हमले और ब्लास्ट काफी बढ़ गए हैं। टीटीपी सरकार के साथ अपना सीजफायर भी खत्म कर चुका है जिससे आने वाले समय में और घातक हमलों का खतरा बढ़ गया है।
