किसी भी देश का सीना गर्व से तब चौड़ा हो जाता है, जब उसके न केवल मेट्रो सिटी के संभ्रांत परिवारों से, बल्कि छोटे-छोटे कस्बों से बच्चे खेलों में बेहतरीन प्रदर्शन करे और अपना मुकाम हासिल करे। इसे लेकर पीएम मोदी ने 77वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से देश को संबोधित करते हुए खेलों में छोटे-छोटे कस्बों के योगदान की तारीफ की। उन्होंने कहा कि आज समय बदल रहा है। भारत के कोने-कोने से झुग्गी झोपड़ी से टैलेंट निकल रहे हैं। हाल ही में भारत ने वर्ल्ड यूनिवर्सिटी खेलों में रिकॉर्ड 11 गोल्ड सहित 26 मेडल जीते थे।
झुग्गी झोपड़ी से निकले बच्चे जीत रहे मेडल
पीएम मोदी ने लाल किले की प्राचीर से कहा- झुग्गी झोपड़ी से निकले बच्चे आज खेलों की दुनिया में पराक्रम दिखा रहे हैं। छोटे-छोटे कस्बों के बच्चे कमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा- देश खेलों में आगे बढ़ रहा है। युवा दुनियाभर में अपने प्रदर्शन से देश का मान-सम्मान बढ़ा रहे हैं।
पैरा एशियन गेम्स में जीतेंगे मेडल
इस दौरान पीएम मोदी ने दिव्यांग एथलीटों के प्रदर्शन की तारीफ की। उन्होंने कहा कि पैरा खेलों में भी देश अच्छा कर रहा है। दिव्यांग एथलीट पैरा एशियन गेम्स में बेहतरीन प्रदर्शन करेंगे इस बात का भरोसा है।
पीएम मोदी का खेलों पर रहता है फोकस
पीएम मोदी का खेलों पर विशेष फोकस रहता है। खेलो इंडिया के आगाज से पहले भी पीएम मोदी सफलता और असफलता दोनों ही मौके पर किसी भी एथलीट के साथ खड़े दिखे। सफलता को सेलिब्रेट किया तो असफल होने पर आंसू भी पोछे।
एथलीटों में विशेष सम्मान
जब भी एथलीट बड़े टूर्नामेंट से लौटते हैं तो पीएम मोदी समय निकालकर उनसे मिलते हैं। तारीफ करते हैं। चूकने वालों को सांत्वना देते हैं। यही वजह है कि एथलीट पीएम की तारीफ भी करते नजर आते हैं।
