नई दिल्ली,
यौन उत्पीड़न मामले में बृजभूषण शरण सिंह पर आरोप तय करने को लेकर बहस शुरू हो गई है. बृजभूषण के खिलाफ आरोप तय किए जाएं या नहीं, इस पर पुलिस के वकील ने एसीएमएम हरजीत सिंह जसपाल के सामने अपनी दलीलें रखी. दिल्ली पुलिस की ओर से सरकारी वकील अतुल श्रीवास्तव ने कोर्ट से कहा कि निगरानी समिति ने बृजभूषण शरण सिंह को बरी नहीं किया है.दिल्ली पुलिस ने छह बार के सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ 15 जून, 2023 को आईपीसी की धारा 354, 354ए, 354डी और 506 के तहत आरोप पत्र दायर किया था.
महिला पहलवानों ने लगाए थे आरोप
पिछले दिनों सुनवाई के दौरान महिला पहलवानो की तरफ से वकील रेबेका जॉन ने कोर्ट को बताया कि कब कब और किस जगह महिला खिलाडी का यौन उत्पीड़न किया गया. इसमें देश और विदेश में दोनो जगहें शामिल हैं. रेबिका जॉन ने कहा एक महिला पहलवान ने अपनी शिकायत में बताया कि 2016 मंगोलिया के रियो में ओलंपिक क्वालीफाई प्रतियोगिता में भाग लिया था. होटल के रेस्टोरेंट में रात के खाने के लिए गई थी. वहां पर बृजभूषण भी खाने की मेज पर बैठे थे, वहां पर मुझको बुलाया गया. मैं वहां पर गई तो बृजभूषण ने मेरी छाती पर हाथ रखा और मेरे पेट तक हाथ ले गए. जिसके बाद मैं घबराकर वहां से चली गई और खाना खाकर अपने रूम में आ गई.
रेबिका ने दलील दी थी कि एक महिला पहलवान ने बताया कि उसने कभी नहीं देखा कि बृजभूषण पुरुष पहलवानों के एक्यूपंक्चर के बारे में जानकारी लेते हुए चेक करते हों. ओवर साइट कमेटी की मेंबर के बयान में कहा था कि महिला पहलवान ने बृजभूषण द्वारा छेड़छाड़ के बारे में बताया था लेकिन वहां पर वीडियो रिकॉर्डिंग बार बार बंद की जा रही थी. वहीं एक अन्य महिला पहलवान ने अपनी शिकायत में कहा कि मुझको फिजिकल रिलेशन के लिए ज़ोर दिया गया. कहा कि मेरे साथ कोम्प्रोमाईज़ कर लो तो तुमको कभी दिक्कत नहीं होगी.
