23.7 C
London
Saturday, May 23, 2026
Homeराजनीतिपुरानी संसद में आखिरी दिन बार-बार आया अटल का नाम, पक्ष-विपक्ष दोनों...

पुरानी संसद में आखिरी दिन बार-बार आया अटल का नाम, पक्ष-विपक्ष दोनों के सांसदों ने किया याद

Published on

नई दिल्‍ली

मंगलवार का दिन जितना ऐतिहासिक होगा उतना ही सोमवार था। यह पुरानी संसद में कार्यवाही का आखिरी दिन था। मंगलवार को नए संसद भवन में लोकसभा की कार्यवाही 1.15 बजे और राज्‍यसभा की 2.15 बजे शुरू होगी। यह नए संसद भवन में कार्यवाही का पहला दिन होगा। पुरानी संसद में आखिरी दिन एक नाम बार-बार जुबान पर आया। वह नाम था पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित सत्‍ता पक्ष और विपक्ष के कई सांसदों ने उनके नाम का जिक्र किया। संसद के विशेष सत्र के पहले दिन की कार्यवाही के दौरान अटल जी को याद किया जाना यूं नहीं था। पूर्व प्रधानमंत्री उन चंद नेताओं में रहे जिनके प्रशंसक सिर्फ उनकी पार्टी तक सीमित नहीं थे। अपने खास अंदाज के कारण वह अपनी पार्टी में जितने लोकप्रिय थे, दूसरे दल के नेता भी उन्‍हें उतना ही सम्‍मान देते थे। यहां तक देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को भी उनकी खास शैली बहुत पसंद आती थी।

लोकसभा में ‘संविधान सभा से शुरू हुई 75 सालों की संसदीय यात्रा’ विषय पर बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कई बार अटल जी का नाम लिया। अटल की ऐतिहासिक स्‍पीच को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी ने इसी सदन में कहा था कि सरकारें आएंगी-जाएंगी। पार्टियां बनेंगी-बिगड़ेंगी। लेकिन, यह देश रहना चाहिए। पीएम मोदी बोले कि इसी सदन के सामर्थ्य से वाजपेयी ने सर्वशिक्षा अभियान शुरू किया। आदिवासी कार्य मंत्रालय और पूर्वोत्तर विकास मंत्रालय के सृजन जैसे निर्णय लिए। मोदी ने परमाणु परीक्षण के लिए भी अटल को याद किया। कहा कि वाजपेयी ने परमाणु परीक्षण करके दुनिया को देश की ताकत दिखाई। मोदी बोले कि पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी के शासनकाल में तीन नए राज्य उत्तराखंड, झारखंड और छत्तीसगढ़ बनने पर हर तरफ उत्सव का माहौल था। साथ ही याद दिलाया कि इसी सदन में एक वोट से अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार गिरी थी। पूर्व प्रधानमंत्री ने सत्ता गंवाने की चिंता किए बिना लोकतंत्र की गरिमा को बढ़ाया था।

छत्तीसगढ़वासियों के लिए यादगार
बीजेपी के अरुण साव ने कहा कि यह भवन उन जैसे सभी छत्तीसगढ़वासियों के लिए यादगार होगा। कारण है कि इसी भवन से अविभाजित मध्य प्रदेश दो राज्यों में विभक्त हुआ था। तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ की स्थापना हुई थी। उन्होंने कहा कि वाजपेयी जानते थे कि छत्तीसगढ़ में विपक्षी दल (कांग्रेस) की सरकार बनेगी। लेकिन, इसके बावजूद उन्होंने करोड़ों लोगों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ के गठन का फैसला लिया था।

मल्लिकार्जुन खरगे की जुबान पर भी आया नाम
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने विशेष सत्र के पहले दिन अपने भाषण की शुरुआत एक कविता से की। सरकार को सलाह दी कि अगर वह कुछ नहीं कर सकती तो कुर्सी छोड़ दे। इस दौरान उनकी जुबान पर भी अटल का नाम आया। खरगे ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह का नाम लिया। उन्‍होंने कहा कि वाजपेयी ने अलग-अलग विषयों पर संसद में 21 बार बयान दिए। मनमोहन सिंह ने 30 बार ऐसा किया। मौजूदा प्रधानमंत्री ऐसे हैं जो सदन में नौ सालों में ‘कस्टमरी बयानों’ को छोड़ केवल दो बार बोले हैं।

Latest articles

मप्र भीषण गर्मी के चपेट में, 42 जिलों में लू का अलर्ट, नौगांव-खजुराहो प्रदेश के सबसे गर्म

भोपाल। नौतपा शुरू होने में अभी दो दिन बाकी हैं, लेकिन उससे पहले ही...

केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में हडको ने एमपी टाइगर फाउंडेशन को सौंपे 20 मोटरसाइकिल एवं 1 रेस्क्यू ट्रक

भोपाल। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन...

मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना से उपभोक्ताओं को बड़ी राहत : CM विष्णु देव साय

रायपुर। विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य सरकार की प्राथमिकता आम जनता...

More like this

एक जिला एक उत्पाद’ नीति से राजस्थान के स्थानीय उत्पादों को मिल रही वैश्विक पहचान

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने...

1 अप्रैल से भोपाल में प्रॉपर्टी खरीदना होगा महंगा, 740 लोकेशन पर बढ़ेगी कलेक्टर गाइड लाइन

भोपाल राजधानी भोपाल में 1 अप्रैल से प्रॉपर्टी खरीदना महंगा हो जाएगा। जिले की कुल...

इंद्रपुरी लेबर कॉलोनी को बचाने के लिए कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन: पट्टा धारियों के घर तोड़ने की कार्रवाई का विरोध

भोपाल राजधानी के वार्ड 66 स्थित इंद्रपुरी लेबर कॉलोनी के निवासियों के आशियानों पर मंडरा...