नई दिल्ली:
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक मोहम्मद इसरार की उम्र 22 से 23 साल की थी. वो उत्तर पूर्व दिल्ली के सुंदर नगरी इलाके में रहता था. मंगलवार तड़के सुबह लगभग 5 बजे वो अपने मोहल्ले के पीछे एक मंदिर में गया. यहां G4 ब्लॉक में गणेश चतुर्थी के उपलक्ष्य में पूजा की जा रही थी. रिपोर्ट के मुताबिक इसरार इसी पूजा का प्रसाद खा रहा था. तभी आसपास के लोगों को उस पर गुस्सा आ गया. उन्होंने इसरार को एक पोल से बांध दिया और उसे बुरी तरह मारा. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जो इतना वीभत्स है कि यहां लगाने लायक नहीं है.
वीडियो में साफ़ नज़र आ रहा है, लड़के को डंडे से पीटा जा रहा है और वो रो रहा है. लड़के के हाथ-पैर बंधे हुए हैं और वो बिलख रहा है, चीख रहा है. स्थानीय लोगों के मुताबिक इस वारदात को 10-12 लोगों ने मिलकर अंजाम दिया. लोगों का ये भी कहना है कि लड़का मानसिक रूप से पीड़ित था. मारपीट के बाद लड़के के हाथ-पैर खोल दिए गए. स्थानीय लोगों ने उसे घर पहुंचाया. यहां आकर उसने दम तोड़ दिया.
रिपोर्ट के मुताबिक लड़के के पिता अब्दुल वाहिद ने थाने में दर्ज कराई शिकायत में बताया कि मंगलवार शाम उन्हें मोहम्मद उनके घर के सामने मिला. उसके पूरे शरीर पर चोट के निशान थे. इसरार ने अपने पिता को बताया कि कुछ लड़कों ने उस पर चोरी का झूठा आरोप लगाया, उसे एक पोल से बांधा और फिर डंडों से पीटा. इस हमले के बाद एक पड़ोसी आमिर ने इसरार को रिक्शे पर चढ़ाकर घर पहुंचाया. इसरार ने आरोपियों के बारे में भी अपने पिता को बताया. उसके मुताबिक G4 ब्लॉक के कुछ लड़कों ने उस पर हमला किया था.
पुलिस मामले की कार्रवाई में जुट गई है. उसने कहा है कि वो सीसीटीवी कैमरे और मोबाइल पर बनाए गए वीडियोज़ के माध्यम से आरोपियों की पहचान करने की कोशिश कर रही है. पुलिस की प्राथमिक जांच में पता चला है कि लड़का मानसिक रूप से विक्लांग था और जब हमलावरों ने उससे सवाल किए, तब वो ठीक जवाब नहीं दे सका था. इसके बाद ही पूरी वारदात हुई. घटना के बाद बॉडी को जीटीबी हॉस्पिटल भेज दिया गया. पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है
