नई दिल्ली\कोलकाता
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं के धरने को लेकर राजधानी दिल्ली का माहौल गरमा गया है। कृषि भवन में जमा तृणमूल सांसदों, विधायकों और मंत्रियों को दिल्ली पुलिस ने मंगलवार रात घसीटकर बाहर दिया। पुलिस ने टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा को खींचकर पुलिस वैन में ले गई। वहीं ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी, डोला सेन समेत तृणमूल नेताओं को एक-एक कर लगातार उत्पीड़न का सामना करना पड़ा है। केंद्रीय राज्य मंत्री के घर के बाहर काफी गहमागहमी है। आखिर में अभिषेक बनर्जी सहित सभी तृणमूल प्रतिनिधियों और 40 लोगों को कृषि भवन से बाहर कर दिया गया और उन्हें एक बस में ले जाया गया।
Listen up @narendramodi – you can drag us out but the truth won’t go away- you have illegally withheld thousands of crores of MNREGA funds from the poot of West Bengal.
INDIA will throw you out come 2024. pic.twitter.com/qYA9BgnZWI— Mahua Moitra (@MahuaMoitra) October 3, 2023
खबर है कि दिल्ली पुलिस ने अभिषेक बनर्जी, डोला सेन, महुआ मोइत्रा को गिरफ्तार किया है। उन्हें कृषि भवन से बसों से हिरासत में लिया गया था। इससे पहले शाम करीब 6 बजे अभिषेक बनर्जी को केंद्रीय मंत्री से मुलाकात करनी थी। लेकिन, तृणमूल की शिकायत पर केंद्रीय राज्य मंत्री प्रज्ञा निरंजन ने कहा कि वे डेढ़ घंटे बाद नहीं मिलेगी। इसके बाद अभिषेक ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वह हमसे नहीं मिलेंगी तो हम यहां से नहीं हटेंगे। इसके बाद भारी संख्या में पुलिस कृषिभवन में दाखिल हुई। इसके बाद वहां से तृणमूल प्रतिनिधियों को हटाने की कार्रवाई शुरू हुई।
इस बीच साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि उन्होंने टीएमसी सांसदों से मुलाकात के लिए ढाई घंटे इंतजार किया. उन्होंने ट्वीट किया, “आज ढाई घंटे का समय व्यर्थ गया. आज तृणमूल के सांसदों की प्रतीक्षा करते करते साढ़े आठ बजे कार्यालय से निकली हूं. मेरी जानकारी के अनुसार तृणमूल के सांसद और बंगाल के मंत्रियों के डेलीगेशन ने कार्यालय में छह बजे मिलने का समय लिया था. लेकिन बाद में वे तृणमूल के कार्यकर्ताओं को जनता बताकर मिलना चाह रहे थे, जो कि कार्यालय की व्यवस्था के विरुद्ध था. संबंधित भेंट के तय विषयों से वे पीछे हट गये क्योंकि उनका उद्देश्य भेंट करना नहीं था, उनकी मंशा राजनीति करने की थी. तृणमूल नेताओं द्वारा की गई यह अत्यंत शर्मनाक घटना है.”
वहीं साध्वी निरंजन ज्योति के ट्वीट पर टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने पलटवार करते हुए कहा कि आप झूठ बोल रही हैं. आपने हमारे प्रतिनिधिमंडल को मिलने का समय दिया. आपने सभी नामों की जांच की, हमें प्रवेश करने की अनुमति देने से पहले हर एक की जांच की. हमें 3 घंटे तक इंतज़ार कराया और फिर पीछे के दरवाजे से भाग गईं.
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया है कि बिना किसी कागजी कार्रवाई के महिला सांसदों को सूर्यास्त के बाद पुलिस लाइन में रखा गया है. उन्होंने ट्वीट किया, “हम सभी को क्वींसवे कैंप में हिरासत में रखा गया है. महिला सांसदों को सूर्यास्त के बाद पुलिस लाइन में रखा गया. कोई कागजी कार्रवाई नहीं.”
अभिषेक बनर्जी ने केंद्र पर किया प्रहार
इससे पहले दिन में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता अभिषेक बनर्जी ने केंद्र पर प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि उसने पश्चिम बंगाल को धन जारी करने के लिए दबाव बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय राजधानी में एकत्र हुए प्रदर्शनकारियों को डराने की कोशिश की। महात्मा गांधी की जयंती पर यहां राजघाट पर दो घंटे तक धरना देने के एक दिन बाद बनर्जी ने टीएमसी सांसदों,विधायकों और राज्य के मंत्रियों और समर्थकों सहित मनरेगा श्रमिकों के साथ राष्ट्रीय राजधानी स्थित जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया।
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टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव बनर्जी ने कहा कि कल उन्होंने टीएमसी के 50 नेताओं को रोकने के लिए करीब 5,000 से 10,000 पुलिस कर्मियों, आरएएफ (द्रुत कार्य बल) तथा अन्य बलों को भेजा था। आज यहां सुरक्षाकर्मियों की संख्या को देखकर ऐसा लगता है कि जैसे यहां भारत-चीन युद्ध हो रहा हो।’’ उनके साथ मंच पर पार्टी के अन्य नेता भी थे, जो हाथ में तख्तियां लिए हुए थे। उन्होंने मणिपुर का भी जिक्र किया और कहा कि पूर्वोत्तर के इस राज्य में हिंसा जारी है, लेकिन केंद्र सरकार (यहां) प्रदर्शनकारियों को रोकने पर ध्यान दे रही है।
