नई दिल्ली
करीब एक महीने पहले, देश की राजधानी चमक रही थी। हर तरफ हरियाली और खूबसूरत फूल नजर आ रहे थे। सड़क किनारे और इमारतों में गमले लगाए गए थे, उनमें तरह-तरह के पौधे थे। प्रगति मैदान में भारत मंडपम के पास जाने पर तो स्वर्ग जैसी फीलिंग आती थी। अब वहां से गुजरेंगे तो लगेगा स्वर्ग उजड़ रहा है। जो गमले यहां की खूबसूरती बढ़ा रहे थे, दिल्लीवाले उन्हें उठा ले गए। मंगलवार को भी जब हमारे सहयोगी ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ की टीम भैरों मार्ग पहुंची तो नजारा हैरान करने वाला था। कुछ महिलाएं और बच्चे गमले उजाड़कर ले जा रहे थे। उनकी मिट्टी घास पर यूं ही बिखेर दी और खाली गमला लेकर चलते बने। तस्वीरें सबूत हैं। दिल्ली में करीब 1.6 लाख ऐसे गमले लगाए गए थे। PWD के साथ-साथ दिल्ली पुलिस भी इनकी चोरी रोकने के लिए अलर्ट थी। हालांकि, G20 के बाद सिक्योरिटी हल्की कर दी गई। नतीजा, दिल्ली से ऐसी शर्मनाक तस्वीरें आ रही हैं। जो गमले बचे हैं, उसमें से भी कई में लगे पौधे सूख गए हैं क्योंकि कोई ध्यान रखने वाला नहीं।
पिछले महीने G20 शिखर सम्मेलन के लिए ये गमले लोक निर्माण विभाग (PWD) ने लगवाए। सड़कों के किनारे खाली जगहों को भरने के लिए लगभग 1.6 लाख फूलदार और हरे-भरे पौधों वाले गमले लगाए थे। इनकी निगरानी करने और चोरी पर नजर रखने के लिए पुलिस तैनात की गई थी। अब, अधिकांश सुरक्षा कर्मचारी गायब हैं। नतीजा पब्लिक प्रॉपर्टी को चोरी और डैमेज किया जा रहा है। उचित रखरखाव न होने से कई पौधे सूख भी गए हैं।
PWD के बागवानी विंग के एक अधिकारी के अनुसार, विभाग ने चोरी से बचने के लिए लगभग आधे गमलों को चार नर्सरी में वापस ले लिया है। बाकी पौधों की देखभाल के लिए निजी ठेकेदारों को काम पर रखा जाएगा। अधिकारी ने कहा, ‘हम टैंकरों की मदद से सड़कों के किनारे रखे बर्तनों में पानी डाल रहे हैं। लेकिन कभी-कभी यह काफी नहीं होता। लगभग आधे गमले नर्सरी में वापस भेज दिए गए हैं। समस्या वन विभाग द्वारा रखे गए गमलों से हो सकती है।’ अभी तक पुलिस में शिकायत नहीं की गई है।इसपर वन अधिकारियों की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। हालांकि, विभाग के एक अधिकारी ने पहले कहा था, ‘कुछ घटनाएं सामने आई हैं जिनमें बाइकर्स ने फूलों के पौधों को टक्कर मार कर उन्हें नुकसान पहुंचाया था।’
दिल्ली में कहां-कहां लगाए गए थे गमले
G20 की तैयारी में PWD ने प्रमुख सड़कों के किनारे मौजूदा ग्रीन प्लेसेज को जोड़ने के लिए गमले लगाए थे। जाकिर हुसैन मार्ग, पुराना किला, महात्मा गांधी मार्ग, सचिवालय रोड, मंदिर मार्ग, प्रेस एन्क्लेव मार्ग और विकास मार्ग समेत कई सड़कों की सूरत बदल गई।भारत मंडपम के सामने मथुरा रोड के एक हिस्से को हरे-भरे क्षेत्र में बदल दिया गया था। यहां मिट्टी और प्लास्टिक के बर्तनों में एक साथ ताजे, फूल वाले पौधों की एक श्रृंखला रखी गई थी।पीडब्ल्यूडी के लिए चोरी एक बड़ी समस्या रही है, पिछले महीने दिल्ली गेट पर फव्वारों के तीन नोजल चोरी हो गए थे। इससे पहले बिजली का सामान और सजावटी लाइटें भी गायब होने की सूचना मिली थी।
