नई दिल्ली,
इस साल की शुरुआत में अमेरिकी सांसद रिच मैककॉर्मिक ने सदन को बताया कि भारतवंशी अमेरिकियों की आबादी महज एक फीसदी है, लेकिन वो करीब 6 फीसदी टैक्स का भुगतान करते हैं.ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर अमेरिका में बसे भारतीय कितना कमा लेते हैं? तो इसका जवाब है- सबसे ज्यादा. अमेरिकियों से भी ज्यादा.दिलचस्प बात ये है कि अमेरिका में भारतवंशी सबसे ज्यादा कमाई करने वाला जातीय समूह है. उनसे ज्यादा तो चीनी, पाकिस्तानी और जापानी मूल के अमेरिकी भी नहीं कमाते. खुद अमेरिकी नागरिकों की भी इतनी कमाई नहीं है.
कितना कमा लेते हैं?
अमेरिकी सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक, वहां बसे भारतीय परिवारों की सालाना औसत आय 1.38 लाख डॉलर है. जबकि, अमेरिकी अमेरिकी परिवारों की औसत आय 69,717 डॉलर है. यानी, अमेरिकियों से भी दोगुनी कमाई भारतवंशियों की है.भारतवंशियों के बाद ताइवान मूल के अमेरिकी सबसे ज्यादा कमाते हैं. ताइवानी-अमेरिकी परिवारों की औसत आय 1.17 लाख डॉलर है. फिर फिलीपीनी मूल के लोग आते हैं, जिनके परिवार की सालाना औसत आय 96,883 डॉलर है.
एक दिलचस्प बात ये भी है कि अमेरिका में रह रहे चीनी मूल के लोगों से ज्यादा कमाई तो पाकिस्तानी मूल के लोगों की है. पाकिस्तानी मूल का परिवार सालाना औसतन 95,747 डॉलर की कमाई करता है. जबकि, चीनी मूल के परिवार की सालाना औसतन कमाई 91,881 डॉलर है.
अमेरिका में बसे दूसरे मूल के परिवारों की सालाना औसत आय
| भारतीय | 1,38,418 डॉलर |
| ताइवानी | 1,17,652 डॉलर |
| फिलीपीनी | 96,883 डॉलर |
| पाकिस्तानी | 95,747 डॉलर |
| श्रीलंकाई | 94,034 डॉलर |
| चीनी | 91,881 डॉलर |
| जापानी | 90,566 डॉलर |
| इंडोनेशियाई | 86,751 डॉलर |
| कोरियाई | 83,354 डॉलर |
| वियतनामी | 78,845 डॉलर |
Source: US Census Bureau
पर ऐसा क्यों?
अनुमान है कि अमेरिका में 2.35 करोड़ लोग एशियाई मूल के हैं. सबसे ज्यादा 52 लाख नागरिक चीनी मूल के हैं. दूसरे नंबर पर भारतवंशी हैं. अमेरिका में भारतवंशियों की आबादी लगभग 48 लाख है. इनमें 16 लाख से ज्यादा वीजा होल्डर हैं. जबकि 10 लाख से ज्यादा ऐसे हैं जिनका जन्म ही अमेरिका में हुआ है.
अमेरिकियों से भी ज्यादा भारतवंशियों की कमाई की एक वजह पढ़ाई भी हो सकती है. आंकड़ों के मुताबिक, 79 फीसदी से ज्यादा भारतीय-अमेरिकी के पास ग्रेजुएशन की डिग्री हैं. जबकि, सिर्फ अमेरिका के सिर्फ 28 फीसदी नागरिक ही ग्रेजुएट हैं. इतना ही नहीं, रिच मैककॉर्मिक का कहना है कि अमेरिका में हर पांच में से एक डॉक्टर भारतीय मूल का है.
आरपीजी एंटरप्राइजेज के चेयरमैन हर्ष गोयनका ने जनवरी में ट्विटर (अब X) पर भारतवंशियों की सबसे ज्यादा कमाई के तीन कारण गिनाए थे. गोयनका ने बताया था कि भारतीय इसलिए सबसे ज्यादा कमाते हैं क्योंकि हम सबसे ज्यादा पढ़े-लिखे हैं. दूसरा कारण ये है कि हम कड़ी मेहनत करते हैं. और तीसरा कारण कि भारतीय आईटी, इंजीनियरिंग और मेडिकल जैसे प्रोफेशन से जुड़े हैं.
