नई दिल्ली,
इजरायल और हमास के बीच जंग थमने का नाम नहीं ले रही है, बल्कि अब और लंबी खिंचती जा रही है. इस जंग में जहां हमास के अचानक किए गए हमले में लगभग 1500 इजरायली नागरिकों की मौत हुई, तो वहीं जवाबी हमला करते हुए इजरायल की IDF ने हमास के ठिकाने गाजा पट्टी में ऐसी तबाही मचाई कि 10,000 से ज्यादा फिलिस्तीनियों की मौत हो गई. इजरायल का अटैक अभी भी जारी है और एयरस्ट्राइक के साथ ही ग्राउंड ऑपरेशन के जरिए गाजा में घुसकर सैन्य परिसर पर भी कब्जा कर लिया. इस जंग के बीच इजरायल में भारतीय कामगारों के लिए नौकरी के अवसर बढ़े हैं, दरअसल इजरायली कंस्ट्रक्शन सेक्टर में 100000 भारतीय श्रमिकों को काम पर रखने की अनुमति सरकार से मांगी है.
जंग के माहौल में श्रमिकों की भारी कमी
इजरायल और हमास की जंग में दोनों ओर से भारी नुकसान हुआ है. इसके साथ ही कंस्ट्रक्शन से लेकर अन्य गतिविधियों पर भी बुरा असर बड़ा है. हमास के हमले के जवाब में इजरायल की ओर से किए गए युद्ध का ऐलान किया गया और इसकी शुरुआत के बाद से ऐसे फिलिस्तीनियों ने अपना वर्क परमिट खो दिया, जो इजरायल में तमाम सेक्टर्स में काम करते थे. इनमें सबसे ज्यादा प्रभावित कंस्ट्रक्शन सेक्टर हुआ है, जहां 90,000 श्रमिकों की कमी दर्ज की गई है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, इसकी भरपाई के लिए इजरायली बिल्डर एसोसिएशन ने ना केवल देश की सरकार के सामने भारतीय श्रमिकों को काम पर रखने की अनुमति के लिए मांग रखी है, तो वहीं भारत सरकार के साथ भी बातचीत जारी है.
इजरायल सरकार से मंजूरी का इंतजार
वेस्ट बैंक से यान बोचैट की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली कंस्ट्रक्शन सेक्टर में जंग के असर के बारे में बताते हुए देश के बिल्डर एसोसिएशन के अध्यक्ष हैम फिग्लिन का कहना है कि हमने सरकार से उन 90,000 फिलिस्तीनियों की जगह लेने के लिए कंपनियों को भारत से 100,000 श्रमिकों को काम पर रखने की अनुमति देने के लिए कहा है, जिन्होंने युद्ध की शुरुआत के बाद से अपना वर्क परमिट खो दिया है. अभी हम भारत के साथ भी बातचीत कर रहे हैं, हम इजरायल सरकार की मंजूरी के इंतजार में हैं और हमें उम्मीद है कि हम सभी क्षेत्रों में 50 हजार से 1 लाख भारतीय श्रमिकों को वापस ला सकेंगे.
7 अक्टूबर को हुआ था जंग का आगाज
गौरतलब है कि हमास ने बीते अक्टूबर महीने की 7 तारीख को दुनिया के ताकतवर देशों में शामिल इजरायल पर कथित तौर पर ताबड़तोड़ 5000 रॉकेट दागते हुए हमला किया था. जिसमें 1400 इजरायलियों की मौत हो गई थी. इसके बाद इजरायल ने हमास पर भारी बमबारी की और हजारों लोंगों की जान चली गई. ये जंग हाल-फिलहाल थमती हुई नजर नहीं आ रही है और इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू लगातार हमास के खात्मे तक जंग न रोकने की बात कह रहे हैं.
हमास पर इजरायल के ये ट्रिपल अटैक
फिलिस्तीन के आतंकवादी ग्रुप हमास के ठिकाने गाजा पट्टी पर बमबारी करते हुए इजरायल ने उन सुरंगों को निशाना बनाया, जहां से गाजा में वाणिज्यिक और अन्य सामान आता जाता था. इसके अलावा इजरायली बमबारी में हमास के ऑपरेशंस के लिए विदेशों के आने वाली फंडिंग का पूरा मैनेजमेंट करने वाला गाजा स्थित इस्लामिक नेशनल बैंक जमींदोज हो गया. हमास के आर्थिक ठिकानों पर दो-तरफा वार से ही इजरायल नहीं रुका, बल्कि तीसरा बड़ा वार करते हुए उसने फिलिस्तीन के आतंकी संगठन हमास के क्रिप्टोकरेंसी के अकाउंट्स को फ्रीज कर दिया है. हमास के क्रिप्टो अकाउंट्स को इजरायल पुलिस की लाहव 433 यूनिट की साइबर ब्रान्च ने निष्क्रिय कर दिया
