13.3 C
London
Sunday, March 22, 2026
HomeUncategorizedअक्टूबर में महंगाई डायन से मिली राहत, जानिए कब कम होगी आपके...

अक्टूबर में महंगाई डायन से मिली राहत, जानिए कब कम होगी आपके लोन की EMI?

Published on

नई दिल्ली

महंगाई के मोर्चे पर अच्छी खबर है। खाने-पीने का सामान सस्ता होने से अक्टूबर में खुदरा महंगाई में नरमी आई और यह चार महीने के निचले स्तर 4.87 प्रतिशत पर रही। सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित खुदरा महंगाई सितंबर में तीन महीने के निचले स्तर 5.02 प्रतिशत थी। इससे पहले, जून में महंगाई दर 4.87 प्रतिशत दर्ज की गई थी। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने अक्टूबर बैठक में चालू वित्त वर्ष 2023-24 में खुदरा महंगाई 5.4 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। यह 2022-23 के 6.7 प्रतिशत के मुकाबले कम है।

सरकार ने आरबीआई को खुदरा महंगाई दर दो प्रतिशत घट-बढ़ के साथ चार प्रतिशत पर रखने की जिम्मेदारी दी हुई है। केंद्रीय बैंक द्विमासिक मौद्रिक नीति पर विचार करते समय मुख्य रूप से खुदरा महंगाई पर गौर करता है। अक्टूबर में लगातार दूसरे महीने खुदरा महंगाई आरबीआई के अपर टॉलरेंस बैंड के ऊपरी स्तर से नीचे रही है। आरबीआई की एमपीसी ने लगातार चार बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। कमेटी का कहना है कि उसका फोकस महंगाई को चार परसेंट के टारगेट के करीब लाने पर है।

कब कम होगी EMI
आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने अक्टूबर की शुरुआत में कहा था कि केंद्रीय बैंक सतर्क है और महंगाई के टारगेट को हासिल करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। गुरुवार को एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि हाल में महंगाई में कमी आई है लेकिन खाने-पीने की कीमतों में बार-बार हो रही बढ़ोतरी से महंगाई बढ़ने का खतरा लगातार बना हुआ है। माना जा रहा है कि आरबीआई अगले साल जून तक रेपो रेट को 6.5 परसेंट पर बनाए रख सकता है। उसके बाद इसमें 25 बेसिस पॉइंट की कटौती की जा सकती है। आरबीआई ने महंगाई पर काबू करने के लिए पिछले साल मई से इस साल फरवरी तक रेपो रेट में 2.5 परसेंट की बढ़ोतरी की थी।

रेपो रेट वह दर होती है, जिस पर आरबीआई कमर्शियल बैकों को लोन देता है। जब रेपो रेट बढ़ती है, तो बैकों को आरबीआई से मिलने वाला लोन महंगा हो जाता है। ऐसे में वे इसका बोझ ग्राहकों पर डालते हैं। वे होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन जैसे सभी लोन्स पर ब्याज दरों को बढ़ा देते हैं। आरबीआई महंगाई में कमी लाने के लिए बाजार में लिक्विडिटी घटाता है। ऐसा वह रेपो रेट बढ़ाकर करता है। दूसरी ओर रेपो रेट कम होने से बैंकों के लिए लोन सस्ता हो जाता है। इसका फायदा वह ग्राहकों को देते हैं।

Latest articles

असम में भाजपा की ताकत का प्रदर्शन, भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने भरी हुंकार

विधानसभा चुनाव में पार्टी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार...

भोपाल सहित प्रदेशभर में मनाई गई ईद-उल-फितर, मस्जिदों में अदा हुई नमाज

भोपाल: पवित्र महीने Ramadan के 30 रोजे पूरे होने के बाद शनिवार को Eid al-Fitr...

ईरान-अमेरिका टकराव: दोनों देशों ने जताया जीत का दावा, बढ़ा वैश्विक तनाव

वॉशिंगटन/तेहरान: Donald Trump और ईरान के नेताओं के बीच जारी बयानबाज़ी ने दुनिया की चिंता...

नवरात्रि के चौथे दिन माँ कूष्मांडा का पूजन, हनुमान चालीसा एवं श्री गुरु गीता का सामूहिक पाठ आयोजित

भोपाल। रायसेन रोड स्थित पटेल नगर के जागृत एवं दर्शनीय तीर्थ स्थल दादाजी धाम...

More like this

समय पर खर्च करें केंद्रीय निधि, ताकि विकास की गति बनी रहे: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के विकास में केंद्रीय सहायता प्राप्त योजनाओं...

मप्र में टैक्स फ्री हुई फिल्म ‘शतक’ — मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले— राष्ट्रसेवा और आत्मनिर्भर भारत का देती है संदेश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हिंदी फिल्म ‘शतक’ को मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ की दूसरी बैठक — 84,282 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई...

भोपाल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ कार्यक्रम की दूसरी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित...