नई दिल्ली:
मॉडर्न मेडिसिन सिस्टम यानी आधुनिक चिकित्सा प्रणालियों के खिलाफ विज्ञापन में भ्रामक दावे पब्लिश करने वाले विज्ञापनों के खिलाफ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की ओर से कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। इसपर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कल यानी मंगलवार को पतंजलि आयुर्वेद को कड़ी चेतावनी दी थी। आज बाबा रामदेव की ओर से इस संबंध में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई। इसमें बाबा रामदेव ने कहा कि पतंजलि झूठा प्रोपेगेंडा नहीं कर रहा है। कुछ स्वार्थी किस्म के लोग पतंजलि के खिलाफ दुष्प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एलोपैथी और मार्डन मेडिकल साइंस की ओर से झूठ फैलाया जा रहा है। वह कोर्ट के सामने सैकड़ों मरीजों की परेड कराने के लिए तैयार हैं। वह कोर्ट में अपनी सारी रिसर्च दिखाने के लिए तैयार हैं।
आयुर्वेद के खिलाफ फैलाया जा रहा झूठ
बाबा रामदेव ने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट का, देश के कानून का और देश के संविधान का आदर करते हैं। कहा कि झूठा प्रोपेगैंडा और प्रचार वह नहीं कर रहे हैं, बल्कि डॉक्टरों के एक ऐसे गिरोह ने एक गैंग ने वह आयुर्वेद और योग के खिलाफ प्रोपेगैंडा करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह का प्रोपेगैंडा चलाया जा रहा है कि दुनिया में बीपी, शुगर, थायराइड, अस्थमा, लिवर और किडनी फेल होना इन सबका कोई सॉल्यूशन नहीं है।
