-ईएम,टीसीबी और हाईड्रो का बेहतर परफारमेंस,-स्वीचगियर,थर्मल,टे्रक्शन विभाग की धीमी रफ्तार,-टारगेट पाने की कोशिश में लगे हैं भेल के ईडी
भोपाल
भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड भेल भोपाल यूनिट को दिल्ली कॉरपोरेट ने 4000 करोड़ का टारगेट निर्धारित किया है । देखा जाये तो यह टारगेट करीब 3500 कारोड़ तक ही पूरा कर पायेगी भोपाल यूनिट । इसके लिये भेल के नये ईडी राजीव सिंह टारगेट पाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं । आज तक यह यूनिट करीब 1600 करोड़ का उत्पादन कर चुकी है । लक्ष्य पाने के लिये सिर्फ साढ़े तीन माह से ज्यादा का समय बाकी है । कर्मचारी दिन-रात मेहनत कर रहे हैं ।
लक्ष्य पाने के लिये भेल के मुखिया ने तमाम जीएम व एजीएम को रात 12 बजे तक काम करने के निर्देश भी जारी कर दिये हैं। इस समय ईएम,ट्रांसफार्मर और हाईड्रो बेहतर परफारमेंस दे रहे हैं वहीं थर्मल,ट्रेक्शन और स्वीचगियर विभाग धीमी रफ्तार से काम कर रहे हैं । हालांकि भोपाल यूनिट के पास आर्डरों की कोई कमी नहीं सूत्र बतातें है कि कारखाने के ब्लॉक एक,दो टीसीबी और टे्रक्शन विभाग में काफी आर्डर हैं । ऐसे में वित्तीय वर्ष 2023-24 में 3500 करोड़ का टारगेट पूरा करना कोई मुश्किल काम नहीं है । इसके लिये ईडी ने कमर कस ली है वह हर विभाग में जाकर उत्पादन की समीक्षा कर रहे हैं ।
सूत्र यह भी बताते हैं कि उत्पादन लक्ष्य प्राप्ति के साढ़े तीन माह शेष हैं ऐसे में यह भरोसा किया जा रहा है कि ट्रांसफार्मर ब्लॉक 900 करोड़,हाईड्रो 900 करोड़,ईएम 900 करोड़,ट्रेक्शन मोटर 600 करोड़, स्वीचगियर 400 करोड़,थर्मल 300 करोड़ और फीडर्स 30 करोड़ का उत्पादन इस वित्तीय वर्ष में दे सकता है
फिलहाल उत्पादन 1600 करोड़ हुआ है । 1900 करोड़ साढ़े तीन माह में उत्पादन करना है । यह कहावत है कि भोपाल यूनिट उत्पादन प्राप्ति के अंतिम तीन माह में कर्मचारी और अधिकारी दिन-रात मेहनत कर लक्ष्य प्राप्त करते रहे हैं । जनवरी से लेकर 31 मार्च 2024 तक करीब 1900 करोड़ का उत्पादन करना है । देखना यह है कि कुछ माह पूर्व ही भोपाल यूनिट की कमान संभाले राजीव सिंह टारगेट पाने में कितनी तेजी लाते हैं ।
इन ब्लॉकों में अब तक का टारगेट
-ईएम ब्लॉक 400 करोड़
-ट्रांसफार्मर 380 करोड़
-हाईड्रो 350 करोड़
-स्वीचगियर 260 करोड़
-टे्रक्शन मोटर 170 करोड़
-थर्मल 120 करोड़
-फीडर्स 20 करोड़
