भोपाल
भेल के बाबूलाल गौर शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के कल्प तथा विज्ञान संकाय के छात्रों ने शैक्षणिक भ्रमण किया। आंचलिक विज्ञान केंद्र (साइंस सेंटर) में पहुंचकर विज्ञान के सिद्धांत और मॉडलों का अनुभव कर ज्ञान अर्जित किया। 3-डी सेंटर में विद्यार्थियों ने समुद्री जीवन की प्रस्तुति देखा और कछुआ, मछली, ऑक्टोपस के साथ-साथ नए-नए जीवों का अनदेखा संसार जानने का मौका मिला।
जनजाति संग्रहालय में जनजाति संस्कृति की कलात्मक मूर्तियां, स्वच्छ निवास, मुखोटे, लकड़ी के खिलौने, रसोई का पारंपरिक भूला बिसरा समान, सूप, चक्की, चूल्हा, खेलकूद के जनजाति दृश्य के साथ हर कोने में दी जाने वाली डिजिटल जानकारी से उनके बारे में समझा। शैक्षणिक भ्रमण में समाज शास्त्र विभाग से डॉ. अर्चना शर्मा, डॉ. गीता चौहान, वनस्पति विभाग की डॉ. अनुराधा दुबे, अंग्रेजी विभाग ,डॉ. इलारानी श्रीवास्तव, हिंदी विभाग से डॉ. सुषमा जादौन सहित छात्रों ने सहभागिता की।
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सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर बनाए जा रहे मकानों को ढहाया
भोपाल। राजधानी के छावनी पठार और खजूरीकला में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर बनाए जा रहे मकान और कब्जों को गुरुवार को प्रशासन के अतिक्रमण अमले ने हटने की कार्रवाई की। इस दौरान छावनी पठार में 25 से 30 अधे-अधूरे बने मकानों को जेसीबी से तोड़ा गया। वहीं करीब 40 से 50 कब्जों को हटाया। प्रशासन द्वारा खजूरीकला बायपास पर भी कार्रवाई करते हुए सड़क किनारे कब्जा कर लगाई जा रही दुकानों को हटाया गया। कुछ लोगों ने दुकानों के आगे टीनशेड बना रखा था, जिसको भी तोड़ा गया। यह क्षेत्र आमदपुर छावनी, कोलुआ और छावनी पठार पंचायत में आता है। कार्रवाई के दौरान एसडीएम, तहसीलदार, तीनों पंचायतों के पटवारी, राजस्व अमला और पुलिस बल मौजूद रहा।
नगर निगम रैन बसेरा में आम आदमी को कर रहा है बेहतर सुविधायें प्रदान
भेल क्षेत्र के कोकता ट्रांसपोर्ट नगर स्थित रैन बसेरा आम आदमी को बेहतर सुविधायें प्रदान कर रहा है । नगर निगम द्वारा संचालित इस रैन बसेरा में 26 लोगों के रुकने की व्यवस्था है। यहां आसपास कॉलेज होने के कारण बड़ी संख्या में दूर-दराज से विद्यार्थी और अभ्यर्थी परीक्षा देने आते हैं। उन्हें यहां रुकने की अनुमति देते हैं। बाहर से आने वाले ट्रक ड्रइवरों को उनका लाइसेंस देखकर रैन बसेरा में इंट्री दी जाती है । खास बात यह है कि सर्दी के दिनों में और शीत लहर चलने पर रैन बसेरा मेें नगर निगम द्वारा यहां लकड़ी की व्यवस्था कराई जाती है फिर अलाव जलाया जाता है महिलाओं को दिन में रुकने की व्यवस्था रहती है। इस रैन बसेरा में तीन रूम हैं। एक कमरे में महिलाओं के लिए व्यवस्था रहती है तो दूसरे में पुरुषों के ठहरने की व्यवस्था है।
