– तितलियां, तितलियां और चोली के पीछे से मचाया धमाल
भोपाल.
राजधानी भोपाल के भेल दशहरा मैदान पर चले रहे भोजपाल महोत्सव मेला के सांस्कृतिक मंच पर शनिवार को इंडियन आइडल सीजन-13 की प्रतिभागी रूपम भरनरिया ने अपनी आवाज का जादू बिखेरा। रूपम ने राम लीला से गानों की शुुरुआत की। इसके बाद आगा बै, तितलियां तितलियां, चोली के पीछे, माही वे के साथ कई अन्य गानों की प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम की शुुरुआत मुख्य अतिथि राज्य मंत्री कृष्णा गौर के साथ भोजपाल महोत्सव मेला अध्यक्ष सुनील यादव, संयोजक विकास वीरानी, महामंत्री हरीश कुमार राम, उपाध्यक्ष वीरेंद्र तिवारी और मेला टीम ने दीप प्रज्जवलित कर की। इस मौके पर राज्य मंत्री कृष्णा गौर ने कहा की भोजपाल महोत्सव मेला हमारा अपना मेला है। यह मेला आज प्रदेश में ही नहीं बल्कि देश में अपना स्थान रखता है। यह मनोरंजन के साथ लोगों को रोजगार देने का भी काम कर रहा है। यह मेला संस्कृति को बढ़ावा देते हुए देश प्रदेश के उभरते कलाकारों को मंच देने का काम कर रहा है।
रूपम ने पंजाबी गायन, रियलिटी श्रृंखला, वॉयस ऑफ पंजाब सीजऩ-9 के साथ ही इंडियन आइडल सीजन-13 में अपने गायन से लोगों को मंत्रमुग्ध कर चुकी हैं। राजधानी भोपाल में पहली बार प्रस्तुति देने आई अमृतसर, पंजाब की रहने वाली रूपम ने बताया कि वे बेसिकली संगीत घराने से हैं और गीत-संगीत उन्हें विरासत में मिली है। रूपम ने वाइस ऑफ पंजाब से मंच साझा करना शुरू किया। इसके बाद पीछे मुडकऱ नहीं देखा और सा रे गा मा पा, रियलिटी शो, इंडियन आइडल में अपनी प्रस्तुति से लोगों को मंत्रमुग्ध कर चुकी हैं। रूपम रामलीला, आगाबाई, चोली के पीछे जैसे गानों की प्रस्तुति दे चुकी हैं।
मेले में उमड़ रही भारी भीड़
भेल दशहरा मैदान पर चल रहा प्रदेश के सबसे बड़े भोजपाल महोत्सव मेले में रोजाना लाखों की संख्या में शहरवासी परिवार के साथ पहुंच रहे हैं। शनिवार को एक लाख से ज्यादा लोग मेला देखने परिवार के साथ पहुंचे। मेले में आने वाले लोगों के लिए ट्रेडिशनल सेल्फी जोन, फूड जोन, क्राकरी, कालीन, गर्म कपड़ों के स्टाल के साथ विभिन्न प्रकार के 70 झूले लगाए गए हैं। यहां 180 फीट लम्बे मछली टनल के साथ लोगों को चांद से चंद्रयान और चांद पर भारत की उपब्धि देखने को मिल रही है। इसी के साथ यहां 25 तरह के एलिएंस भी देखने को मिल रहे हैं।
मेले में सुविधाएं
– मेले में आने वाले लोगों की सुरक्षा व्यवस्था का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। यहां सिक्योरिटी गार्ड के साथ ही पुलिस सहायता केंद्र और मेला समिति के 50 लोगों की टीम हर समय सुरक्षा व्यवस्था में लगी रहती है। फायर बिग्रेड, फायर सिलेंडर आदि की व्यवस्था है।
– मेले में स्वास्थ्य सुविधाओं का ध्यान रखते हुए अस्थायी तौर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाया गया है, जहां लोगों की सुगर, बीपी आदि की जांच के साथ ही प्राथमिक उपचार और दवाईयां दी जा रही हैं। गंभीर होने पर लोगों को अस्पताल पहुंचाया जाता है। इसके लिए 24 घंटे एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध रहती है।
– मेल में आने वाले दिव्यांग और बुजुर्गों के लिए व्हील चेयर की सुविधा उपलब्ध है, जिससे वे मेले का भ्रमण कर सकते हैं।
– यहां शिशु स्तनपान केंद्र बनाया गया है, जिससे महिलाओं को फीडिंग कराने में काफी मदद मिल रही है।
– पूरे मेला परिसर में करीब 85 सीसी टीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिससे चप्पे पर नजर रखी जा रही है।
– मेले में आने वाले लोगों के लिए दो पहिया और चार पहिया वाहनों के लिए सुव्वस्थित पाॄकग है।
– मेले में आने वाले लोगों के लिए पीने का पानी, महिला- पुरुष के लिए टायलेट,
– मेले में आने वाले लोगों की सुविधा और सहयोग के लिए 24 घंटे मेले का मुख्य कार्यालय खुला रहता है।
– साफ सफाई के लिए पूरे मेले में ग्रीन कार्पेट लगाया गया है।
– मेले में खोया पाया विभाग भी है, जहां लोगों की मेले में गुम होने वाली सामग्री और पाने वाली समाग्री का एनाउंस कर लोगों तक पहुंचाया जाता है।
