मुंबई:
मराठी, हिंदी, तेलुगु और तमिल फिल्मों में काम करने वाली अभिनेत्री अंजली पाटिल को जालसाजों ने 5.79 लाख रुपये का चूना लगा दिया। पुलिस के अनुसार जालसाज ने झूठा दावा किया कि उसके पार्सल में ड्रग्स मिले हैं। साथ ही, उसके तीन बैंक खातों का मनी लॉन्ड्रिंग से भी लिंक हैं। अंजली अंधेरी में रहती हैं। 28 दिसंबर को उनके पास किसी अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉलर ने खुद को फेडेक्स कूरियर कंपनी का कर्मचारी दीपक शर्मा बताया। दीपक ने अंजली को बताया कि ताइवान जाने वाले उनके नाम के एक पार्सल में नशीली दवाएं मिली हैं। इस पार्सल को सीमा शुल्क विभाग ने जब्त कर लिया है।
पार्सल में निकली आधार की कॉपी
पार्सल में उसका आधार कार्ड की कॉपी मिली है। इसलिए वह कानूनी पचड़े में नहीं फंसने के लिए और आधार कार्ड का दुरुपयोग नहीं होने के लिए मुंबई साइबर अपराध विभाग से मदद लें। इस कॉल के कुछ ही देर बाद साइबर पुलिस से किसी बनर्जी नामक अधिकारी का कॉल आया। उसने अंजली को बताया कि उसका आधार कार्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में फंसे तीन बैंक खातों से जुड़ा हुआ पाया गया है। इसके सत्यापन प्रक्रिया के लिए उसको 96,525 रुपये की प्रोसेसिंग फीस देनी होंगी। यह रकम संदिग्ध साइबर अधिकारी बनर्जी ने अंजली से जीपे नंबर भेज कर मंगा ली। फिर स्काइप कॉल कर बनर्जी ने इस मनी लॉन्ड्रिंग घोटाले में बैंक अधिकारी भी शामिल हैं। इसलिए 4,83,291 रुपये और जमा करनी होगी ताकि केस को रफा दफा किया जा सकें।
साइबर अधिकारी बनकर की बात
पुलिस के अनुसार अंजली डर गई और बदनामी व पुलिस केस के चक्कर में नहीं फंसने के लिए उसने बिना किसी हिचकिचाहट के अज्ञात जालसाज, जो साइबर अधिकारी बनर्जी बनकर बात किया था, उसके पंजाब नैशनल बैंक के खाते में अपने बैंक खाते से रकम जमा कर दी। कुछ दिन बाद इस घटना की अंजली ने अपने मकान मालिक के साथ जानकारी साझा की, जिसके बाद उसको पता चला कि वह साइबर ठगी का शिकार बनी है। अंजली के बयान के आधार पर डीएन नगर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
